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मंडल रेलवे बोर्ड को भेजेगा मुंबई राजधानी एक्सप्रेस का प्रस्ताव

ठहराव मिला, तो यात्रियों के बचेंगे पांच घंटे

मंडल रेलवे बोर्ड को भेजेगा मुंबई राजधानी एक्सप्रेस का प्रस्ताव

ग्वालियर। 9 माह पहले निजामुद्दीन से मुंबई के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव ग्वालियर को अब तक नहीं मिला है। सप्ताह में दो दिन गुरुवार को रविवार को निजामुद्दीन से मुंबई के लिए राजधानी एक्सप्रेस चलती है। इस ट्रेन का ठहराव आगरा व झांसी में है। जबकि ग्वालियर को ठहराव नहीं मिला है। इस ट्रेन का ठहराव ग्वालियर में मिलने से मुंबई जाने वाले यात्रियों के 5 से 6 घंटे यात्रा के बच सकते हैं, क्योंकि यह ट्रेन करीब 16 घंटे में मुंबई पहुंच जाती है। वहीं पंजाब मेल से सफर करने पर ग्वालियर से 21 घंटे लगते हैं। रेलवे द्वारा कराए गए सर्वे में ग्वालियर से इस ट्रेन के लिए 100 से अधिक यात्रियों के यात्रा करने की बात कही गई थी। उधर झांसी मंडल ने इस ट्रेन के ठहराव के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें जल्द ही रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो जनवरी तक इस ट्रेन का ठहराव ग्वालियर में शुरू किया जा सकता है। इतना ही नहीं इस ट्रेन के ठहराव को लेकर ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने झांसी मंडल के अधिकारियो के साथ रेलमंत्री पीयूष गोयल को भी को पत्र भी लिखा है। ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के सांसद विवेक नारायण शेजवलकर का कहना है कि अंचल से मुंबई बड़ी संख्या में व्यापारी, छात्र जाते हैं।

छोटे स्टेशनों की समीक्षा करेगा रेलवे

रेलवे बोर्ड ट्रेनों के छोटे स्टेशनों पर ठहराव की समीक्षा करेगा। इसके बावजूद मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले स्टेशनों से ट्रेनों के ठहराव की सुविधा छीन ली जाएगी। अभी तक अधिकारी रेलवे को नुकसान के बावजूद दबावों के कारण ट्रेनों के ठहराव बढ़ाते रहते थे।

ट्रेनों के ठहराव पर मानक निर्धारित

ट्रेनों के ठहराव को रेलवे बोर्ड ने एक मानक निर्धारित किया है। स्टेशन से कितने यात्रियों का रोजाना आना-जाना होता है। कितनी बर्थों का काउंटर से आरक्षण होता है। सामान्य श्रेणी के कितने टिकट बिकते हैं। सामानों को पार्सल में भेजने की स्थिति क्या है?

अभी तक ये तर्क दिया है रेलवे ने

- झांसी-धौलपुर खंड में लाइन क्षमता का उपयोग 134.83 फीसदी किया जा रहा है।

- इस रेल मार्ग पर ट्रेनों का यातायात 45 फीसदी के करीब ज्यादा हो रहा है क्योंकि नियम के तहत लाइन क्षमता का उपयोग 90 फीसदी से ज्यादा नहीं किया जा सकता।

- रेलवे बोर्ड द्वारा ट्रैफिक सर्वे करवाया गया। इस सर्वे की रिपोर्ट जोनल मुख्यालय से बोर्ड को भेजी गई। मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक डीके वर्मा द्वारा रेलवे बोर्ड के उपनिदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लाइन क्षमता का उपयोग 134.83 फीसदी किए जाने से मुंबई राजधानी का स्टापेज ग्वालियर को नहीं दिया जा सकता।

Updated : 2019-12-25T02:27:21+05:30
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