संदेहास्पद लोगों के खिलाफ करें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

ग्वालियर/स्वदेश वेब डेस्क। वल्नरेबिल्टी के लिहाज से संदेहास्पद लोगों के खिलाफ अभियान बतौर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करें, जिससे मतदाताओं में विश्वास कायम हो और वे निर्भीक होकर वोट डाल सकें। यह निर्देश जिलाधीश अशोक कुमार वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने बुधवार को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-14 ग्वालियर ग्रामीण के लगभग एक दर्जन मतदान केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान केन्टोनमेंट कार्यालय परिसर, बंशीपुरा, बड़ागांव, खुरैरी, मोहनपुर, उदयपुरा आदि बसाहटों में बनाए गए मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से हिदायत दी कि सभी मतदान केन्द्रों की बाहर की दीवार पर स्पष्ट रूप से मतदान केन्द्रों से संबंधित जानकारी प्रदर्शित कराई जाए, साथ ही मतदान केन्द्रों में बुनियादी सुविधाओं की भी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम का भी कड़ाई से पालन कराया जाए। अनुमति बगैर यदि किसी भी राजनैतिक दल अथवा प्रत्याशी द्वारा झण्डे, बैनर आदि लगाए जाएं अथवा दीवाल लेखन कराया जाए तो उसे हटाकर संबंधित के खिलाफ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण भी दर्ज कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि वल्नरेबल एवं संवेदनशील मतदान केन्द्रों से जुड़ी बसाहटों में कार्यपालिक दंडाधिकरी एवं पुलिस अधिकारी सतत रूप से भ्रमण करें। निरीक्षण के दौरान मुरार एसडीएम नरोत्तम भार्गव एवं तहसीलदार नरेश गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
छत पर खड़े नहीं हो सकेंगे मतदान के दिन
निरीक्षण के दौरान जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक ने यह भी निर्देश दिए कि मतदान केन्द्रों से सटे निजी भवनों के मालिकों को साफ तौर पर सूचित कर दें कि मतदान के दिन वे अपने घरों की छतों या दीवार पर खड़े होकर मतदान केन्द्र की ओर ताका-झाकी न करें, साथ ही मतदान के दिन घर के सदस्यों के अलावा अन्य लोगों की भीड़ अपने घर में न आने दें। अधिकारी द्वय ने जोर देकर कहा कि मतदान के दिन मतदान में किसी तरह की बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जुलूस निकालने से पहले लेना होगी अनुमति
जिला दंडाधिकारी ने जारी किए निर्देश
चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा जुलूस निकालने के संबंध में जिलाधीश एवं जिला दंडाधिकारी अशोक कुमार वर्मा द्वारा दंड प्रक्रिया की धारा-144 के तहत आदेश जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा-188 के अंतर्गत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी। जिला दंडाधिकारी श्री वर्मा ने जारी किए आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि आयोजकों को क्षेत्रीय पुलिस थाना को अग्रिम सूचना देकर जुलूस की अनुमति प्राप्त करना होगी, साथ ही पैदल जुलूस या जुलूस की शक्ल में मोटर साइकिल रैली आदि निकालने से पहले संबंधित राजनैतिक दल अथवा प्रत्याशी को यह तय करना होगा कि जुलूस किस समय शुरू होगा और किस समय समाप्त होगा। जुलूस के शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति स्थल भी पहले से तय करना होगा। इसके साथ ही आयोजक जुलूस को प्रतिबंधित स्थानों से नहीं निकाल सकेंगे, साथ ही जुलूस का इन्तजाम इस प्रकार करना होगा, जिससे यातायात में कोई रुकावट या बाधा उत्पन्न न हो। यदि जुलूस लम्बा हो तो टुकड़ों में संगठित करना होगा।
पुलिस के निर्देशों का करना होगा पालन
जिला दंडाधिकारी ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जुलूस सड़क के बांयी ओर चले और ड्यूटी पर तैनात पुलिस के निदेर्शो और सलाह का कड़ाई से पालन किया जाए। जुलूस में शामिल लोग ऐसी चीजें लेकर न चलें, जिनका अवांछनीय तत्वों द्वारा विशेष रूप से उत्तेजना के क्षणों में दुरुपयोग किया जा सकता हो। जुलूस में शामिल लोगों पर राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों का पूर्ण नियंत्रण रहना चाहिए। किसी भी राजनैतिक दल के नेताओं के पुतले लेकर चलने, उनको सार्वजनिक स्थानों पर जलाने और इसी प्रकार के अन्य प्रदर्शन का समर्थन कदापि न हो।
सॉफ्टवेयर के माध्यम से जारी होगी अनुमति
जिलाधीश ने अपने निर्देशों में यह भी कहा है कि एक से अधिक विधानसभा क्षेत्र में रैली निकालने की स्थिति में अपर जिला मजिस्ट्रेट अनुमति जारी करेंगे। एक ही विधानसभा क्षेत्र में रैली निकालने की अनुमति सुविधा सॉफ्टवेयर के माध्यम से संबंधित रिटर्निंग ऑफीसर जारी करेंगे।
