पेट्रोल 90 और डीजल 75 रुपए लीटर तक पहुंच सकता है

ग्वालियर। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और डॉलर के दाम बढऩे से आने वाले दिनों में आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद कम है। आने वाले दिनों में पेट्रोल 90 रुपए लीटर और डीजल 75 रुपए लीटर के स्तर पर पहुंच सकता है। चेम्बर ऑफ कॅामर्स ने पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए पेट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी एवं वैट की दर कम करने की मांग केन्द्र व राज्य सरकार से की है।
उल्लेखनीय है कि इस समय बाजार में पेट्रोल 83.57 और डीजल 73.15 रुपए लीटर की दर से बिक रहा है। कच्चे तेल के दाम और डॉलर में वृद्धि होने से आने वाले कुछ ही दिनों में पेट्रोल 90 रुपए और डीजल 75 रुपए लीटर तक पहुंच सकता है। जानकारों का कहना है कि अगर पेट्रोल और डीजल के दाम इसी प्रकार बढ़ते रहे और माल भाड़ा नहीं बढ़ा तो ट्रांसपोर्ट कारोबारी अपना कारोबार बंद तक कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में शहर में आवश्यक खाद्य पदार्थों की पूर्ति पर जबरदस्त असर पड़ सकता है। वर्तमान में अधिक ट्रांसपोर्ट कारोबारी घाटे में चल रहे हैं।
केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम नहीं किए जाने एवं राज्य सरकार द्वारा वेट की दर कम नहीं करने तथा अतिरिक्त कर वापस नहीं लेने से प्रदेश सहित देश में पेट्रोल एवं डीजल की आसमान छू रही कीमतों पर दोनों सरकारों का ध्यान आकर्षित करते हुए बुधवार को चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर एक्साइज ड्यूटी एवं वेट की दरों में कमी करने की मांग की गई है। चेम्बर पदाधिकारियों का कहना है कि केन्द्र सरकार द्वारा जब पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में वृद्धि की गई थी, तब कहा गया था कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दाम बढऩे पर इनमें कमी की जाएगी। आज जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ चुके हैं फिर भी अपने वायदे के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को कम नहीं किया गया है। पदाधिकारियों ने कहा है कि इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा जब पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी हो रही थी, उस समय यह कहते हुए कि राज्य के राजस्व को इससे हानि हो रही है और इस हानि को रोकने के लिए पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त करारोपण किया गया। राज्य सरकार ने जनता से वायदा किया था कि जब भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे, उस समय अतिरिक्त कर वापस ले लिया जाएगा, परन्तु राज्य सरकार द्वारा भी केन्द्र सरकार की भांति ही अतिरिक्त कर वापस नहीं लिया गया और न ही वेट की दरों में कोई कमी की गई है। पदाधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम अधिक होने से माल भाड़े की दरें भी बढ़ रहीं है, जिससे लगभग सभी वस्तुएं महंगी हो रही हैं। चेम्बर पदाधिकारियों ने केन्द्र व राज्य सरकार से एक्साइज ड्यूटी और वैट में कमी करने की मांग की है, ताकि राज्य के आम नागरिकों सहित व्यवसाइयों एवं उद्योगपतियों को महंगाई की मार से कुछ राहत मिल सके। मांग करने वालों में चेम्बर अध्यक्ष अरविन्द अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष यश कुमार गोयल, उपाध्यक्ष सुरेश बंसल, मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव जगदीश मित्तल एवं कोषाध्यक्ष गोकुल बंसल शामिल हैं।
