पार्किंग से सफर तक लूट ही लूट

ग्वालियर। रेलवे में पार्किंग से लेकर सफर तक यात्रियों के साथ लूट ही लूट होती है। यात्रियों के साथ ठगी का खेल पार्किंग से शुरू होता है। इसके बाद प्लेटफार्म पर खान-पान के स्टॉल संचालित करने वाले लूटते हैं। यहां से बचे तो ट्रेनों में वेंडर मजबूरी का फायदा उठाकर ओवर चार्जिंग करते हैं। इसके अलावा ट्रेनों में जहर खुरानी, चोरी, लूटपाट का खामियाजा भी यात्री को ही भुगतना पड़ता है। रेलवे के तमाम दावों और चेकिंग में ओवर चार्जिंग पकड़े जाने के बाद भी झांसी मंडल के रेलवे अधिकारी इस समस्या के निराकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सके हैं।
रेलवे बोर्ड के ओवर चार्जिंग पर कार्रवाई को लेकर किए गए दावे भी खोखले ही निकले। यही नहीं ओवर चार्जिंग का विरोध करने पर यात्री के साथ मारपीट, गुंडागर्दी करने से भी ठेकेदार के कर्मचारी नहीं चूकते। वहीं ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक पर बनी प्रीमियम पार्किंग में इन दिनों जमकर गुंडागर्दी हो रही है। पार्किंग में तैनात कर्मचारी यात्रियों के साथ अभद्रता करने के साथ मारपीट तक कर डालते हैं।
खुलेआम ओवर चार्जिंग
रेलवे स्टेशन पर होने वाली ओवर चार्जिंग पर रेलवे अब तक कोई रोक नहीं लगा सका है। वेंडर प्रिंट रेट में हेर-फेर कर यात्रियों को लूट रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। जिसके चलते स्टेशन पर यात्रियों का लुटना जारी है।
अटेंडेंट के हवाले कोच
यदि आपको कहीं जाना है और आपके पास बर्थ नहीं है, तो आपकी यह समस्या एसी कोचों के कोच अटेंडेंट व एसी कोच मैकेनिक हल कर देंगे। अटेंडेंट और मैकेनिक 300 से 500 रुपए लेकर बर्थ अलॉट करा देते हैं। रेलवे के अधिकारियों को भी इसकी पूरी जानकारी है लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण अटेंडेंट और मैकेनिकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। ट्रेनों में वेंडरों द्वारा भी ओवर चार्जिंग की जाती है।
स्टैंड पर रखे हैं लोहे के सरिए व डंडे
स्टेशन की पार्किंग में तैनात कर्मचारियों ने लोहे के सरिए व डंडे रखे हुए हैं। यदि कोई यात्री बहस करता है, तो उसके साथ सीधे मारपीट कर दी जाती है। गुरुवार को भी कर्मचारियों ने एक व्यक्ति के गाल पर चाटा मार दिया था।
