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तेज बारिश : घाटीगांव क्षेत्र में बाढ़ का खतरा, सांक नदी उफान पर, पहाड़ों पर पहुंचे ग्रामीण

घाटीगांव, मोहना के कई गांव डूबे, सिरसा और जखौदा डेम फूटने की कगार पर, प्रशासन बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पहुंचा

तेज बारिश : घाटीगांव क्षेत्र में बाढ़ का खतरा, सांक नदी उफान पर, पहाड़ों पर पहुंचे ग्रामीण
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ग्वालियर। ग्वालियर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार जारी तेज बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बनने लगी है। जाते जाते मानसून ने ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। सबसे बुरे हालात घाटीगांव मोहना क्षेत्र के हैं। यहाँ सांक नदी का पुल पानी में डूब गया है। बाढ़ का पानी पुल के 6 फीट ऊपर बह रहा है। ग्रामीण सड़कों पर फंसे हैं। पुल डूबने के कारण 15 से अधिक गाँवों का आपस में संपर्क टूट गया है। बढ़ते पानी से ग्राम आंतरी और डांग चराई पूरी तरह डूब चुके हैं। जबकि कचना का पुरा, तकिया का पुरा, सीताराम का पुरा, नारायण भगत का पुरा, कल्ले खान का पुरा,आदिवासियों का पुरा, निरपत का पुरा, राइ का पुरा, कप्तान का पुरा, मऊआ खेड़ा, तिलवाली आदि में पानी भर गया और लोग सुरक्षित जगह तलाशते हुए पहाड़ों पर जा बैठे। लगातार पानी बढ़ने से सिरसा और जखौदा डेम के फूटने का खतरा बढ़ गया है। और यदि ऐसा हुआ तो कई और गांव डूब में आ जायेंगे। गांव के बिगड़ते हालातों से ग्रामीणों ने कलेक्टर अशोक वर्मा को जानकारी दी जिसके बाद एसडीएम बीबी अग्निहोत्री और जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री राजेश चतुर्वेदी बचाव दल के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पहुँच गए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया । प्रशासन के साथ पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने भी मोर्चा सभाल लिया । अधिकारियों की माने तो बाँध के फूटने का खतरा नहीं है लेकिन गाँवों में पानी भरने की पूरी संभावना है इसलिए प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है । उधर गाँवों के पानी में डूबने के की जानकारी लगते ही वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक पटसारिया मौके पर पहुँच गए उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बात की । श्री पटसारिया के अनुसार ग्रामीणों को ग्राम धुंआ स्कूलऔर सामुदायिक भवन में ठहराया गया हैं और उनके खाने, रहने आदि की व्यवस्था की गई है उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ।

तिघरा का जलस्तर 736.90 फीट तक पहुंचा

लगातार हो रही बारिश से ग्वालियर शहर के लोगों की प्यास बुझाने वाले तिघरा जलाशय का जलस्तर 736.90 को पार कर चुका है और ये जैसे ही 738 फीट को छुएगा उसके बाद तत्काल गेट खोल दिए जायेंगे। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री राजेश चतुर्वेदी के अनुसार शनिवार रात 9 बजे से 10 के बीच गेट खोले जा सकते हैं । उल्लेखनीय है कि तिघरा का फुल टेंक लेवल 740 फीट है लेकिन जलाशय पुराना होने के कारण इसे 738 फीट तक ही भरा जाता है। तिघरा के कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश अन्य जगह से तिघरा में पहुँच रहा है और इसका जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है । लेकिन बाँध खोले जाने से पहले जल संसाधन विभाग ग्वालियर कलेक्टर और मुरैना कलेक्टर को इसकी विधिवत सूचना देगा और फिर अनुमति मिलने के बाद जलाशय पर लगा सायरन बजाया जाएगा उसके बाद गेट खोले जायेंगे। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल अब तक लगभग 700 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबकि अभी इसका क्रम जारी है।


Updated : 2018-09-01T23:38:14+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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