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रोक के बाद भी रेत का अवैध कारोबार, भारी डम्परों से सड़क हो रही क्षतिग्रस्त

रोक के बाद भी रेत का अवैध कारोबार, भारी डम्परों से सड़क हो रही क्षतिग्रस्त
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एबी रोड से सिमरिया मार्ग पर धड़ल्ले से दौड़ रहे रेत व मुरम से भरे भारी वाहन


सड़क की मानक क्षमता 14 टन, 70 टन माल लेकर निकल रहे डम्पर

ग्वालियर। जिले में रेत एवं मुरम के कारोबार पर रोक लगी है। उसके बावजूद धड़ल्ले से अवैध कारोबार चल रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों डम्पर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। एबी रोड से सिमरिया मार्ग पर भारी वाहनों के दौडऩे से मार्ग क्षतिग्रस्त हो रही है। इसे लेकर मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन ग्वालियर इकाई के महाप्रबंधक ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का जिक्र किया है। घाटीगांव क्षेत्र की वनभूमि एवं पहाड़ों से रेतीली मिट्टी, मुरम निकालकर उसे पानी से धोकर रेत बनाई जा रही है। इस रेता को हजारों रुपए में बेचा जा रहा है।

इसमें परिवहन विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी मिलीभगत रहती है। यह भारी ट्रक कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई एबी रोड से सिमरिया मार्ग से निकल रहे हैं, जिससे मार्ग क्षतिग्रस्त हो रही है। दिनभर वाहनों के दौडऩे से सड़क कई जगह से खराब हो गई है। 18, 22 टायर के डम्परों के माध्यम से करीब 60 टन रेत लेकर जा रहे हैं। जबकि सड़क की मानक क्षमता 14 टन है। इसे लेकर ग्रामीणों ने सख्त आपत्ति दर्ज कराई थी और उन्होंने मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक को भी इससे अवगत कराया। साथ ही बताया कि रेत माफिया शासन को लाखों रुपए की रॉयल्टी चोरी करके चूना लगा रहे हैं। जो सड़क 14 टन के मानक से बनाई गई है, वहां से 70 टन माल भरकर डम्पर निकल रहे हैं। साथ ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को पत्र लिखाकर अवैध कारोबार के संबंध में अवगत कराया और इन वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा। अब आरटीओ विभाग इस पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।

प्रशासन ने 30 सितंबर तक लगाई है रेत के परिवहन पर रोक

मानसून सत्र को देखते हुए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के बाद एवं जिला स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण के पूर्व में लिए गए निर्णयों के परिप्रेक्ष्य में 1 जुलाई से 30 नवंबर तक जिले में रेत के परिवहन पर रोक लगाई है। इस दौरान खदानों का किसी तरह से न तो संचालन होगा और न ही यहां से रेत का उत्खनन किया जाएगा। रेत खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस रोक के बाद भी धड़ल्ले से जिले में रेत का अवैध कारोबार चल रहा है। रेत माफिया बरसात में रेत का अवैध कारोबार कर रहे हैं।

सरपंच, जनपद सदस्य एवं ग्रामीण लिखित में कर चुके हैं शिकायत

क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत के कारोबार को लेकर सबसे अधिक ग्रामीण परेशान हैं। दिनभर वाहनों के दौडऩे से दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्राम के सरपंच, जनपद सदस्य एवं ग्रामीण कई बार माइनिंग अधिकारी, एसडीएम, थाना प्रभारी से अवैध कारोबार की शिकायत कर चुके हैं पर इस पर अभी तक रोक नहीं लगी। रेत माफिया ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।

फैक्ट फाइल

-मुरम को धोकर बनाई जा रही बालू

-हजारों रुपए में बेची जा रही है रेत

-सड़क की क्षमता 14 टन, 70 टन रेत भरकर ले जा रहे वाहन।

-माफियाओं ने 20 से 30 फीट तक गहरे कर दिए हैं गड्ढे, पानी से भरने से दुर्घटनाओं की आशंका।

-दिनभर वाहनों के दौडऩे से दुर्घटना का अधिक खतरा

-आदिवासियों द्वारा गाडिय़ां रोकने से उन्हें धमकाया जा रहा।

इनका कहना है

मैंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार ग्रहण किया है। वाहनों के चलनेे से मार्ग को हो रहे नुकसान को लेकर यदि मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का पत्र आया है तो उसे दिखवाया जाएगा। निश्चित रूप से ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

-एमपी सिंह

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ग्वालियर

ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एबी रोड से सिमरिया मार्ग से रेत व बालू से भरे डम्पर भारी वाहन निकल रहे हैं, जिससे मार्ग क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। संबंधित डम्परों व ट्रकों पर कार्यवाही करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को पत्र लिखा गया है।

-पंकज ओझा

महाप्रबंधक, मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण

Updated : 2018-07-26T16:17:24+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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