रिश्वत मांगने पर डीईओ के भाई पर लोकायुक्त में मामला दर्ज

रिश्वत मांगने पर डीईओ के भाई पर लोकायुक्त में मामला दर्ज
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पांच लाख से घटकर सौदा डेढ़ लाख पर हुआ तय, तीस हजार की पेशगी देने पर बनी सहमति, डीईओ को लगी भनक, सौदा हुआ निरस्त मामला डीएव्ही स्कूल के शिक्षकों की चौथी किश्त के भुगतान का

ग्वालियर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. आरएन नीखरा की शह पर अनुदानित स्कूल के शिक्षकों को छटवें वेतनमान की अंतिम चौथी किस्त देने एवं स्कूलों को मान्यता देने के नाम पर जमकर धांधली की जा रही है। इस खेल में डीईओ कार्यालय में पदस्थ अधिकारी करोड़ों के बारे न्यारे कर रहे हैं। रिश्वतखोरी के इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी के चार-पांच दलाल सक्रिय हैं जो पूरे मामले को संचालित करने का काम कर रहे हैं। इन दलालों में डीईओ का भाई एसएन नीखरा, प्राचार्य गोरखी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी शामिल है। अपने भाई की शह पर एसएन नीखरा पर नया बाजार स्थित डीएव्ही स्कूल के प्राचार्य एवं वहां के शिक्षकों से रिश्वत मांगने के आरोप में लोकायुक्त में मामला दर्ज हो गया है। लोकायुक्त द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है। सूत्रों की माने तो इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भी फंसते हुए नजर आ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार डीईओ कार्यालय को शहर में अनुदानित शिक्षकों को छटवें वेतनमान की चौथी किश्त देना है। लेकिन जिन शिक्षकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के दलालों को पांच से 25 प्रतिशत तक का कमीशन दिया जा रहा है उनकी किश्त कार्यालय द्वारा जारी की जा रही है और जिनके द्वारा पैसा नहीं दिया जा रहा है उनकी किश्त को कार्यालय द्वारा अटकाने का काम किया जा रहा है। डीएव्ही स्कूल के चौदह शिक्षकों की चौथी किश्त 68 लाख रुपए जारी करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी के भाई ने डीएव्ही स्कूल के प्राचार्य जेपीएस बैस से कमीशन के रूप में पांच लाख रुपए की मांग की थी, पर मामला डेढ लाख रुपए पर जाकर तय हुआ। इस मामले की पहली पैशगी के रूप में 30 हजार रुपए देने की बात तय हो गई लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी को भनक लग गई कि डीएव्ही स्कूल प्रबंधन कहीं न कहीं लोकायुक्त से जुड़े हुए हैं, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इस सौदे को निरस्त कर दिया।

डेढ़ लाख में तय हुआ सौदा:- नयाबाजार स्थित डीएव्ही स्कूल में 14 शिक्षकों को 68 लाख रुपए की किश्त देना है। इस किश्त के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के भाई एसएन नीखरा ने इन शिक्षकों से पांच लाख रुपए की मांग की थी, लेकिन अंतत: सौदा डेढ़ लाख रुपए में तय हुआ। इस सौदे की पहली पेशगी 30 हजार रुपए तय हुई, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी को भनक लग गई कि इस मामले में कहीं न कहीं लोकायुक्त पुलिस का हाथ है अत: जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले से हाथ खींच लिया है। फिलहाल मामला लोकायुक्त में कायम है और लोकायुक्त कभी भी न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर सकती है।

लोकायुक्त के पास है रिकॉर्डिंग

14 शिक्षकों के एरियर के रूप में मांगी जाने वाली रिश्वत की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने एसएन नीखरा को ट्रेप करने के लिए जाल बिछाया जिसके बाद लोकायुक्त ने स्कूल प्राचार्य एवं शिक्षकों के माध्यम से बातचीत की रिकॉर्डिंग करवा ली है। यह रिकार्डिंग तीन टेपों में लोकायुक्त के पास है। इस रिकार्डिंग के आधार पर मामला कायम कर लिया है। शीघ्र ही चालान पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षा अधिकारी भी निशाने पर

शिक्षकों की चौथी किश्त जारी करने के मामले में जहां एसएन नीखरा पर लोकायुक्त में मामला दर्ज हो गया है। वहीं डीईओ के भाई के संलिप्तता के चलते जिला शिक्षा अधिकारी भी लोकायुक्त के निशाने पर हैं। लोकायुक्त रिश्वतखोरी के इस मामले में डीईओ की भूमिका की जांच हर एंगल से कर रही है।

इनका कहना है

'डीएव्ही स्कूल के प्राचार्य जे.पी.एस. बैस ने बताया कि 68 लाख रुपए के एरियर की राशि देने के रूप में जिला अधिकारी के भाई एसएन नीखरा ने हमसे पहले पांच लाख रुपए मांगे थे लेकिन मामला डेढ़ लाख रुपए देने पर जाकर तय हुआ। एस.एन. नीखरा ने हमसे पेशगी के रूप में 50 हजार रुपए मांगे थे लेकिन मामला 30 हजार रुपए जाकर तय हुआ। जब हम पेशगी के रूप में 30 हजार देने के लिए उनसे मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि हम दोनो भाई शहर से बाहर हैं। इसके दो दिन बाद हमने उन्हें पुन: फोन किया तो उन्होंने इस सौदे को निरस्त कर दिया। श्री बैस ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी को कहीं न कहीं भनक लग गई थी जो नोट का जो पैकेट हम उन्हें देने जा रहे हैं उसमें लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा पहले से ही पाउडर लगा दिया। गया है। अत: उन्होंने इस मामले में फंसने के डर से हाथ पीछे खींच लिए। चर्चा की रिकार्डिंग हमने लोकायुक्त में जमा करा दी है। Ó

'गोरखी स्कूल के प्राचार्य ने रिश्वत की मांग की थी। फरियादी की शिकायत पर ट्रैपिंग कराई गई। उसी आधार पर उनके खिलाफ पीसी एक्ट की धारा ७ के तहत मामला कायम किया गया है। इसमें किस-किसकी संलिप्तता है इसकी भी जांच की जा रही है। Ó

अमित सिंह

पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त

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