आरोग्यशाला में होगा डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक मेडिसिन

आरोग्यशाला में होगा डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक मेडिसिन
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एमसीआई ने दी अनुमति, प्रदेश का पहला संस्थान बना, इसी सत्र में होंगे प्रवेश

ग्वालियर। मानसिक आरोग्यशाला में डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक मेडिसिन कोर्स शुरू किया जाएगा। कॉलेज ऑफ फिजीशियन एंड सर्जन मुंबई ने अरोग्यशाला को चार सीटों की मान्यता दे दी है। जिसके चलते मानसिक आरोग्यशाला प्रदेश का पहला ऐसा संस्था बन जाएगा, जहां यह कोर्स शुरू किया जा रहा है। मानसिक आरोग्यशाला में पूरे मध्यप्रदेश के साथ-साथ उत्तरप्रदेश, राजस्थान के समीपवर्ती जिलों से मनोरोगी इलाज कराने आते हैं। मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेे, इस बात को ध्यान में रखते हुए मानसिक आरोग्यशाला की संचालक डॉ. ज्योति बिंदल ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से यह कोर्स संचालित करने के लिए अनुमति मांगी थी। एमसीआई की अनुमति मिलने के बाद इस कोर्स के लिए कॉलेज ऑफ फिजीशियन एंड सर्जन मुंबई (सीपीएस)की टीम ने विगत दिनों आरोग्यशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट के आधार पर सीपीएस के डिप्टी सेकेट्री डॉ. प्रफुल्ल शाह ने आरोग्यशाला की संचालक डॉ. ज्योति बिंदल को पत्र जारी करते हुए डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक मेडिसिन कोर्स के लिए चार सीटों की अनुमति प्रदान कर दी है। डॉ. ज्योति बिंदल का कहना है कि यह प्रदेश का पहला संस्थान है, जहां यह कोर्स शुरू किया जा रहा है। इस कोर्स में इसी सत्र से प्रवेश हो जाए, इसके लिए कोशिश की जा रही है और सम्भवत: इसी सत्र से कोर्स शुरू कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मानसिक अरोग्यशाला को रीहेबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) ने एमफिल इन क्लीनिकल साइकोलॉजी कोर्स शुरू करने की अनुमति दी थी।

दो वर्ष का होगा डिप्लोमा, तीन सत्रों की मिली अनुमति

डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक मेडिसिन कोर्स दो वर्ष का रहता है। सीपीएस ने आरोग्यशाला को तीन सत्रों के लिए अनुमति दी है।

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