पहले चरण में बिरला नगर से हेतमपुर के बीच बिछेगी तीसरी रेल लाइन

ग्वालियर। झांसी से धौलपुर के बीच तीसरी रेल लाइन के लिए दतिया और सांक स्टेशन के नजदीक जमीन समतल करने का काम शुरू हो गया है। संबंधित जिला प्रशासन से पेड़ काटने की अनुमति भी मिल गई है। जनवरी 2019 से यहां पटरियां बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इस ट्रैक पर 197 छोटे और 16 बड़े पुल बनेंगे। इस काम को दो कंपनियां पूरा करेंगी। दो स्टील के पुल बनाने का काम कोलकाता की कंपनी को सौंपा गया है।
फिलहाल संबंधित कंपनी ने दतिया और सांक स्टेशन के नजदीक जमीन समतल करने का काम शुरू कर दिया है। रेल विकास निगम लिमिटेड की मानें तो करारी से अनंतपेठ और बिरलानगर से हेमतपुर स्टेशनों के बीच पहले चरण में तीसरी लाइन बिछाने का काम होगा।
झांसी से मथुरा के बीच 273 किलोमीटर में तीसरी रेल लाइन का काम स्वीकृत है। इस काम को झांसी से धौलपुर और धौलपुर से मथुरा के बीच में बांटा गया है। रेल विकास निगम लिमिटेड ने रास्ते में लगे पेड़ों के काटने की अनुमति संबंधित जिला प्रशासन से ले ली है। हालांकि, दतिया जिला प्रशासन से अनुमति मिलना बाकी है, जिसकी फाइल अंतिम चरण में चल रही है। साथ ही, रास्ते की ड्राइंग, पुल और सबवे बनाने के मानचित्र तैयार कर लिए गए हैं।
इन कंपनियों को मिला है काम
झांसी से आंतरी के बीच नोएडा की केपीटीआई, आंतरी से धौलपुर के बीच गुडग़ांव की जीआर इंफ्रा और धौलपुर से मथुरा के बीच दिल्ली की एसटीएस कंपनी को काम सौंपा गया है। वहीं झांसी से मथुरा के बीच नौ स्टील के ब्रिज का निर्माण होगा, जिसको कोलकाता की जीपीटी इंफ्रा कंपनी बनाएगी।
पहाड़ को काटने में कंपनी को आएगी परेशानी
थर्ड रेल लाइन ग्वालियर आने के बाद कंपनी के अधिकारियों को परेशानी आ सकती है। क्योंकि डबरा और ग्वालियर के बीच आंतरी, संदलपुर और सिथौली स्टेशन के बीच पहाड़ी क्षेत्र हैं। नई रेल लाइन बिछाने के लिए पहाड़ों को काटना होगा। इस काम में समय लग सकता है।
20 स्टेशनों पर होगा काम
झांसी-धौलपुर सेक्शन के बीच 20 स्टेशन आते हैं। थर्ड ट्रैक के हिसाब से इन स्टेशनों पर भी उच्चीकरण का काम होगा। इनमें करारी, चिरुला, दतिया, सोनागिर, कोटरा, डबरा, सिमरिया ताल, अनंतपेठ, आंतरी, संदलपुर, सिथौली, ग्वालियर, बिरलानगर, रायरू, बानमोर, नूराबाद, सांख, मुरैना, सिकरौदा, हेतमपुर शामिल हैं।
