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कनेक्शन काटने के बाद भी बिल देती रही बिजली कम्पनी

नवाई के बाद विद्युत उपभोक्ता फोरम ने सुरक्षित किया निर्णय

कनेक्शन काटने के बाद भी बिल देती रही बिजली कम्पनी
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ग्वालियर। उपभोक्ता ने अपना पूरा बिल चुकता करने के बाद आवेदन देकर अपना विद्युत कनेक्शन कटवा लिया। इसके बाद भी बिजली कम्पनी उसे एक साल तक हर माह बिल भेजती रही। इस संबंध में की गई शिकायत की सुनवाई पूर्ण करने के बाद विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ने निर्णय सुरक्षित कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्मीगंज निवासी श्रीमती प्रेमाबाई पत्नी नारायण प्रजापति ने अपना विद्युत कनेक्शन कटवाने (पीडीसी) कराने के लिए बिजली कम्पनी को आवेदन देने के साथ ही संपूर्ण बकाया राशि जमा करा दी।

इसके बाद उनका विद्युत कनेक्शन काट दिया गया, लेकिन इसके बाद भी बिजली कम्पनी करीब एक साल तक उनको बिल भेजती रही। इसकी शिकायत उन्होंने बिजली कम्पनी के संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन किसी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। इस पर उन्होंने विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में शिकायत दर्ज कराई। शुक्रवार को रोशनीघर स्थित श्रम कल्याण केन्द्र में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के सदस्य आर.के. लाडिय़ा एवं एस.एस. मंडलोई द्वारा अंतिम सुनवाई की गई।

इस मामले में बिजली कम्पनी का कहना था कि विद्युत कनेक्शन पीडीसी कराने के बाद जब बिजली कम्पनी के कर्मचारी विद्युत मीटर निकालने के लिए पहुंचे तो उपभोक्ता ने मीटर निकालने नहीं दिया, इसलिए उसे बिजली का बिल जारी किया जाता रहा, जबकि उपभोक्ता का कहना था कि उनके यहां कोई कर्मचारी मीटर निकालने के लिए पहुंचा और कनेक्शन कटने के बाद उन्होंने बिजली का उपयोग भी नहीं किया। फोरम ने इस मामले की सुनवाई पूर्ण करते हुए निर्णय सुरक्षित कर लिया है। अब फोरम द्वारा शीघ्र ही उपभोक्ता को निर्णय की प्रति भोपाल से डाक द्वारा भेजी जाएगी।

फोरम ने सुनी कुल 44 शिकायतें

विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ने गुरुवार व शुक्रवार को दो दिवसीय शिविर में पूर्व से लंबित कुल 44 शिकायतों की सुनवाई की। इनमें से 22 शिकायतों की अंतिम सुनवाई पूर्ण करते हुए निर्णय सुरक्षित कर लिया है। शेष शिकायतों की अगली सुनवाई के लिए छह सितम्बर की तारीख नियत की गई है। इसके अलावा दो दिन में आठ नई शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें एक लोड बढ़ाने और सात आंकलित खपत से संबंधित हैं।

Updated : 2018-08-11T17:53:35+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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