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डेंगू के संभावित एक और मरीज की मौत

परिजनों ने किया हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया

डेंगू के संभावित एक और मरीज की मौत
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ग्वालियर/स्वदेश वेब डेस्क। जिले में डेंगू के डंक का कहर जारी है। संबंधित विभागों की उदासीनता की वजह से डेंगू विकराल रूप लेता जा रहा है। इसी के चलते डेंगू से एक और मरीज की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाए, जबकि चिकित्सकों ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

खड़ौआ निवासी देवीलाल के 18 वर्षीय पुत्र दीपक को बुखार के चलते रविवार-सोमवार की रात करीब 2.30 बजे इंडैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। दीपक के बहनोई मनोज पाण्डेय ने बताया कि हॉस्पिटल के चिकित्सक ने 10 हजार रुपए जमा कराए और तीन हजार रुपए की दवा मंगवाई। उपचार के दौरान करीब 4 बजे दीपक के मुंह से झाग निकलने के साथ ही खून निकलने लगा। इस पर वह तत्काल चिकित्सक के पास पहुंचे और चिकित्सकों को बताया। मनोज पाण्डेय का आरोप है कि मरीज की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उसके बाद भी चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित नहीं किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन मामला रफादफा करने के लिए दबाव बनाने लगा।

इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देकर बुलाया। वहीं इस मामले में हॉस्पीटल के संचालक डॉ. रजनीश नीखरा का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। मरीज को बुखार था और वह बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया था। डॉ. नीखरा ने बताया कि मरीज को डेंगू की संभावना थी, इसलिए उन्होंने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की सलाह भी दी थी, लेकिन परिजन नहीं माने। उन्होंने बताया कि मरीज की जांचें कराने के लिए भी परिजनों से कहा गया था, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। मरीज की मृत्यु ब्लीडिंग होने के कारण हुई है।

चिकित्सकों को भी चुभा डेंगू का डंक

गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू के 46 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई। जांच रिपोर्ट में 13 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें नौ मरीज ग्वालियर व चार अन्य जिलों के हैं। इसके साथ ही इन मरीजों में जयारोग्य के रेडियो फिजिसिस्ट डॉ. पी.के. मिश्रा एवं अस्पताल परिसर में रह रहे राम शर्मा भी शामिल हैं। इसके बाद भी मलेरिया विभाग अस्पताल में कीटनाशक का छिड़काव और फोगिंग नहीं करवा रहा है।

कैंसर के मरीज हो रहे परेशान

जयारोग्य अस्पताल में पहुंच रहे कैंसर रोगियों को कोबाल्ट थैरेपी में रेडियो थैरेपी की कितनी डोज देना है? यह रेडियो फिजिसिस्ट तय करता है, लेकिन जयारोग्य के रेडियो फिजिसिस्ट डॉ. पी.के. मिश्रा पिछले पांच दिन से बीमार हैं और आईसीयू के प्राइवेट वार्ड में भर्ती हैं। इस कारण नए मरीजों की गुरुवार से कोबाल्ट थैरेपी नहीं हो पा रही है। सोमवार को भी कैंसर के नए मरीज रेडियो थैरेपी के लिए पहुंचे। इनमें से चार मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण विभागाध्यक्ष डॉ. अक्षय निगम ने आईसीयू से डॉ. पी.के. मिश्रा को कुछ देर के लिए बुलवाकर इनकी डोज निर्धारित करवा दी, जिससे इनकी सिकाई हो सकी। वहीं थैरेपी के लिए मरीजों की लगातार वेटिंग भी बढ़ती जा रही है।

Updated : 2018-10-16T18:20:36+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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