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नगर निगम के घपलों की जांच शुरू, अधिकारी निशाने पर

अगर पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए तो जांच के संदेह में आएंगे अधिकारी, सुबह कार्यालय खुलते ही जांच अधिकारी पहुंचे निगम मुख्यालय, दस्तावेजों की फोटो प्रति कराने ऊपर-नीचे भागते रहे कर्मचारी

नगर निगम के घपलों की जांच शुरू, अधिकारी निशाने पर
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ग्वालियर। प्रदेश में सरकार बदलते ही नगर निगम के कामकाज की जांच प्रारंभ हो गई है। शासन द्वारा गठित किया गया जांच दल ग्वालियर पहुंचा और वर्तमान नगर निगम परिषद द्वारा स्वीकृत किए गए कार्यों के दस्तावेज तलब कर लिए। वर्ष 2015 से नई नगर निगम परिषद का कार्यकाल प्रारंभ हुआ था। तब से लेकर अब तक स्वीकृत किए गए कार्यों के दस्तावेज जांच में लिए गए हैं। महापौर परिषद एवं नगर निगम परिषद की हर बैठक की जांच की जा रही है, जिसमें शासन के निर्देशों एवं उसके पालन की कार्यवाही को जांचा जा रहा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर प्रदेश के रीवा, ग्वालियर एवं छिंदवाड़ा की नगर निगमों की जांच प्रारंभ की गई है। इस जांच दल को पहले 24 दिसम्बर को आना था, लेकिन यह चार दिन बाद ग्वालियर पहुंचा है। पूर्व में लगातार आरोप लगते रहे हैं कि नियमों को दरकिनार करते हुए मनमानी रूप से राशि खर्च की जा रही है। सुबह कार्यालय खुलते ही जांच अधिकारी पहुंचे। इसके बाद एमआइसी और परिषद की बैठकों के दस्तावेजों का परीक्षण शुरू किया गया। देर शाम तक जरूरत के हिसाब से दस्तावेजों की फोटो प्रति जांच अधिकारियों ने अपने पास रख ली हैं।

इन मामलों की शुरू की गई है जांच

नगर निगम में वित्तीय प्रबंधन, भारत सरकार, राज्य सरकार की योजनाओं की राशि के क्रियान्वयन का परीक्षण किया जा रहा है। जांच टीम में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर आयुक्त विकास मिश्रा, अधीक्षण यंत्री सुरेश सेजकर व कनिष्ठ लेखाधिकारी प्रमोद नायक पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। नगर निगम परिषद एवं महापौर परिषद के कार्यांे, वित्तीय शक्तियों के प्रयोग, नवीन लेखा नियमों का अनुपालन, डबल एन्ट्री सिस्टम का क्रियान्वयन, नगर निगम अधिनियम के पालन, ऑडिट आपत्तियां आदि का भी परीक्षण किया जा रहा है।

पूर्व में हुई थीं शिकायतें

पूर्व में भी विपक्ष ने इन मामलों को लेकर शिकायतें की थीं, लेकिन तब शासन स्तर पर इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी वजह से मामला दबा रहा। अब सभी फाइलें खोली जा रही हैं, जिससे अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी।

गोपनीयता ऐसी कि प्रवेश ही वर्जित कर दिया

नगर निगम अधिकारियों के विरुद्ध भी शिकायतें हैं, इसलिए जांच दल के आते ही मीडियाकर्मी पहुंच गए थे। इस कारण जिस कक्ष में अधिकारियों ने जांच शुरू की, उसके बाहर कर्मचारियों को यह निर्देश देकर तैनात कर दिया गया कि यहां पर कोई भी व्यक्ति खड़ा न रहे।

नेता प्रतिपक्ष ने पूछा, किस आधार पर कर रहे हैं जांच

शुक्रवार को जांच टीम के नगर निगम मुख्यालय पहुंचते ही नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर आयुक्त विकास मिश्रा से पूछा कि आप जांच किस आधार पर कर रहे हैं? इस पर श्री मिश्रा ने कहा कि उन्हें भोपाल से जो निर्देश मिले हैं, वह उसी आधार पर जांच कर रहे हैं।

किसी को कोई शिकायत हो तो वह आकर बताए

शुक्रवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर आयुक्त विकास मिश्रा ने बताया कि अगर इस मामले में किसी को कोई भी बात रखना है तो वह आकर उन्हें बता सकते हैं। उन्होंने बताया कि जांच के लिए सभी जरूरी दस्तावेजों को एकत्रित किया जा रहा है। शनिवार की शाम तक हम सभी दस्तावेज एकत्रित कर लेंगे। अगर समय पर दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो वह संदेह के घेरे में आएंगे। वहीं नगर निगम के एक अधिकारी ने जब टीम को नाश्ता भेजा तो उन्होंने उसे भी लौटा दिया।

इनका कहना है

''शासन ने नगर निगम के कार्यों की जांच का निर्देश दिया है। संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। हम शासन के नियम और कार्यों का परीक्षण कर रहे हैं। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसे शासन को रिपोर्ट में सौंपेंगे।"

विकास मिश्रा, अपर आयुक्त

नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल

Updated : 29 Dec 2018 8:00 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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