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क्या कांग्रेस हार रही है जो ईवीएम पर दोष मढ़ना शुरू कर दिया?

कांग्रेसियों के आरोपों पर शहर में चर्चाओं का दौर जारी

क्या कांग्रेस हार रही है जो ईवीएम पर दोष मढ़ना शुरू कर दिया?
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ग्वालियर/स्वदेश वेब डेस्क। विधानसभा चुनाव में क्या सचमुच एक बार फिर कांग्रेस हार की कगार पर पहुंच गई है? जो उसके नेताओं द्वारा पुन: ईवीएम को लेकर दोष मढ़ना शुरू कर दिया गया है। मतदान के बाद से ही प्रदेश सहित शहर के कांग्रेसजनों द्वारा ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उस पर शहरवासियों के बीच कुछ इसी तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनावों के तहत विगत 28 नवम्बर को हुए मतदान के बाद लगभग तीन दिनों तक सभी कांग्रेस प्रत्याशी व पार्टी के नेता पूरी तरह से शांत बने हुए थे। वहीं इन तीन दिनों बाद एकाएक उन्हें एमएलबी महाविद्यालय में रखी ईवीएम की चिंता सताने लगी, जिसके चलते कांग्रेस के एक प्रत्याशी द्वारा वहां लगी एलईडी स्क्रीन को छोटा करार दिया जाने लगा, जिस पर प्रशासन ने उनकी मांग को जायज मानते हुए बड़ी स्क्रील लगवा दी। उसके बाद कांग्रेस प्रत्याशियों द्वारा खुद के प्रतिनिधियों के द्वारा स्ट्राँग रूम की निगरानी करने की मांग की गई। प्रशासन ने उसे भी मान लिया। इस पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने अपने-अपने तम्बू गड़वाकर कुछ प्रतिनिधियों को यहां रात-दिन ईवीएम की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया। इसी बीच किसी कारणवश रात्रि में महज तीन मिनट के लिए बिजली क्या गुल हो गई। इस पर भी कांग्रेसजनों ने बवाल मचा दिया। हालांकि इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रतिनिधि भी अपने-अपने तम्बू में जमे हुए थे। उसके बावजूद उन्होंने इन तीन मिनट की बत्ती गुल होने पर खासा हंगामा मचाया। यहां तक कि चार विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस प्रत्याशियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भी अपनी शिकायत दर्ज करवाई। इसके पश्चात बीते रोज भी एमएलबी महाविद्यालय में ईवीएम की निगरानी के लिए तैनात कांग्रेसजनों द्वारा यह शिकायत की जाती रही कि यहां की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज स्क्रीन पर दिख तो रहे हैं, लेकिन उसका डाटा संग्रहित नहीं हो रहा है। रोज-रोज एक न एक नई समस्या व शंका उत्पन्न किए जाने से शहर के मतदाता भी अब कांग्रेस की मानसिकता को संदेह की नजर से देखने लगे हैं। उनका कहना है कि इसी तरह कांग्रेस ने अटेर में हुए उपचुनाव में भी ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर तमाम तरह की शंकाएं जताई थीं, लेकिन वहां चुनाव जीतने के बाद सब शांत हो गए थे। यदि ई.वी.एम. में गड़बड़ी की आशंका होती तो उक्त उपचुनाव के नतीजों पर कांग्रेस ने कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई? बहरहाल विधानसभा चुनाव के नतीजे तो 11 दिसम्बर को सबके सामने आ ही जाएंगे, लेकिन ईवीएम को लेकर जिस तरह की भ्रांतियां फैलाने का प्रयास कांग्रेसजन कर रहे हैं। जनता के बीच में उसके उल्टे परिणाम अब सामने आते नजर आने लगे हैं और मतदाता कहने लगे हैं कि शायद संभावित हार का ठीकरा ईवीएम के सिर फोड़ने के लिए कांग्रेसजन सुनियोजित तरीके से इस तरह की अफवाहें उड़ाने में लग गए हैं।

Updated : 2018-12-05T21:35:04+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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