भाजपा में नहीं होता कोई शक्तिपीठ, संगठन ही सबकुछ : विक्रम वर्मा

ग्वालियर। किसी भी पार्टी का संगठनात्मक ढांचा उस पार्टी की रीढ़ की हड्डी होता है। यह ढांचा जितना मजबूत होगा पार्टी भी उतनी बुलंदी पर होगी। भाजपा में कोई व्यक्ति विशेष शक्तिपीठ नहीं होता। वह मठाधीश बनकर भले ही अपनी अलग सत्ता चलाने का प्रयास करें पर उन सबसे ऊपर संगठन है। भाजपा का संगठनात्मक ढांचा अन्य दलों से काफी मजबूत है। यह बात ग्वालियर में संगठनात्मक समीक्षा करने आए संयोजक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उनके साथ सांसद प्रहलाद पटेल थे।
उन्होंने कहा कि संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने, चुनाव के पहले कार्यकर्ताओं को मुस्तैद रहने इन सभी मुद्दों को लेकर दो दिन भिंड और मुरैना में मंथन किया गया। मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा के बाद हर कार्यकर्ता पूरी तरीके से चुनावी मूड में आ जाएगा। प्रत्येक पोलिंग बूथ पर 20 कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी जिन्हें बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा। विक्रम वर्मा ने कहा कि पार्टी एवं संगठन के अंदर कहां कमी है और उसे कैसे दूर किया जा सकता है इस मुद्दे को लेकर सबके साथ बैठक में मंथन होगा और उसे दूर किया जाएगा। कार्यकर्ताओं में असंतोष एवं आपसी तालमेल न होने के प्रश्न के जवाब में विक्रम वर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं में यदि असंतोष व्याप्त है उसे दूर किया जाएगा। पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठकर इस पर चर्चा होगी और कार्यकर्ताओं को क्या परेशानी है उसका हल निकाला जाएगा। जिन मोर्चों में पद खाली पड़े हैं और उन पर नियुक्ति नहीं हुई उन्हें जल्द भरेंगे।
दिग्विजय ने कटवाए थे लाखों पौधे
नर्मदा किनारे लगाए गए 6 करोड़ पौधों को लेकर आए दिन उठ रहे वालों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्मा ने कहा मेरा गांव नर्मदा किनारे है और सरदार सरोवर डूब क्षेत्र में है। 6 करोड़ नहीं बल्कि 4 करोड़ पौधे अभी भी सुरक्षित हैं। जो पौधे सूखने की बात कह रहे हैं उन दिग्विजयसिंह ने मुख्यमंत्री कार्यकाल में छत्तीसगढ़ से शहडोल तक लाखों पेड़ कटवा दिए थे। 1971 में राजगढ़ किले के झाड़ एवं पेड़ कटवाने के लिए अनुमति ली थी। वह किस मुंह से पेड़ों के मुद्दे को उठा रहे हैं।
किसानों के नाम पर दुकान सजाकर बैठी है कांग्रेस
किसानों के मुद्दे को लेकर आए दिन प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस पार्टी को लेकर उन्होंने हमला बोला है। विक्रम वर्मा ने कहा कि मैं देख रहा था कि ग्वालियर में एक दिन पहले किसानों को लेकर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस किसानों के नाम पर दुकान सजाकर बैठी है और शहर के लोग किसानों के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वह क्या जाने किसानों का दर्द। किसानों के आत्महत्या की जहां बात है वह वाकई में चिंता का विषय है और इस पर हर सरकार को ध्यान देना चाहिए। मप्र की सरकार किसानों की चिंता कर रही है। किसानों के लिए शिवराजसिंह की सरकार ने जितना काम किया वह अन्य किसी सरकार ने नहीं किया है।
