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किसानों के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

शहर में कल दोनों दल करेंगे प्रदर्शन

किसानों के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

प्रशासन के लिए नई मुसीबत, कहीं टकराव न हो जाए

ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। किसानों के कर्जमाफी के वायदे के साथ प्रदेश में काबिज हुई कमलनाथ सरकार के लिए यह वचन टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। क्योंकि भाजपा द्वारा कर्जमाफी के वायदाखिलाफी और किसानों की आत्महत्याओं को लेकर 4 नवंबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है। इसे देखते हुए प्रदेश कांग्रेस ने भी अब केंद्र के खिलाफ राहत पैकेज नहीं दिए जाने की मांग को लेकर इसी दिन 4 नवंबर को समूचे प्रदेश में आंदोलन करने की घोषणा की है।एक ही दिन दोनों दलों के आंदोलन से कहीं टकराव की स्थिति न बन जाए इसे लेकर प्रशासन के सामने एक नई मुसीबत है। यद्यपि कांग्रेस अपना प्रदर्शन संभागीय आयुक्त मुख्यालय और भाजपा जिलाधीश कार्यालय पर करेगी।

भाजपा द्वारा पूर्व में ही किसानों के कर्जमाफी की झूठी घोषणा और उनके द्वारा की जा रही लगातार आत्महत्याओं को लेकर प्रदेश सरकार को घेरा जा रहा है।इसमें कांग्रेस के ही कुछ बड़े नेताओं ने भी कर्जमाफी को गलत करार देकर प्रदेश सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी सिलसिले में भाजपा द्वारा ग्वालियर में जिलाधीश कार्यालय पर दोपहर 12 बजे प्रदर्शन एवं घेराव का आयोजन किया गया है। इसकी अगुवाई भाजपा के पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता एवं सांसद विवेक शेजवलकर करेंगे। इस आयोजन में ग्वालियर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।भाजपा के इस आंदोलन को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने भी 4 नवंबर को ही केंद्र सरकार पर राहत पैकेज न देने का आरोप मढते हुए आंदोलन की घोषणा कर दी है।प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर द्वारा 2 नवंबर को सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को एक पत्र जारी कर कहा गया है कि अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से भारी जनधन की हानि हुई है। इसके लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त राशि दिए जाने में भेदभाव के खिलाफ 4 नवंबर को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। यह आयोजन संभाग एवं जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे। जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री भी मौजूद रहेंगे।इस तरह एक ही दिन एक ही मुद्दे पर दोनों दलों द्वारा आंदोलन की घोषणा किए जाने से दोनों दल आमने-सामने हैं, वही टकराव की स्थिति पैदा न हो जाए इसे लेकर प्रशासन पशोपेश में है।

इनका कहना

भाजपा के 4 नवंबर के पूर्व घोषित आंदोलन वाले दिन ही कांग्रेस ने जानबूझकर उसी दिन अपना आंदोलन रख लिया है।क्या मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो लाख कर्जमाफी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी से पूछकर निर्णय लिया था। हमारा आंदोलन शहर एवं ग्रामीण भाजपा द्वारा संयुक्त रूप से जंगी तरीके से आयोजित किया जाएगा।

देवेश शर्मा

जिला अध्यक्ष, भाजपा महानगर

प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के लिए प्रदेश सरकार को राहत राशि नहीं दिए जाने के खिलाफ 4 नवंबर को कांग्रेस द्वारा आंदोलन किया जाएगा।हमें नहीं मालूम कि इसी दिन भाजपा भी आंदोलन कर रही है।

डॉ देवेंद्र शर्मा

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष

Updated : 3 Nov 2019 8:51 AM GMT
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