ग्वालियर,न.सं.। राजनीति के गलियारों में कांग्रेस की दशा और दिशा दोनों को ग्रहण लगता जा रहा है । जिसका असर शहर जिला कांग्रेस की दशा देखकर लगाया जा सकता है। इस शहर जिला कांग्रेस कार्यालय में कभी नेताओं की भीड़ होती थी और यह कार्यालय भी साफ सुथरा और सुंदर नजर आता था। लेकिन आज रखरखाव के अभाव में कांग्रेस कार्यालय की दुर्दशा होती नजर आ रही है ।हालत यह है कि इस कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ता और पदाधिकारी तथा बड़े नेता सिर्फ बैठकों के लिए ही आते हैं लेकिन कांग्रेस कार्यालय के रखरखाव पर किसी भी पदाधिकारी का ध्यान नहीं जा रहा है ।
पूर्व में यह कांग्रेस कार्यालय पाटनकर बाजार में हुआ करता था ।सत्ता में कांग्रेस होने के कारण पुराने कांग्रेसियों ने बड़ी मेहनत कर शिंदे की छावनी में कांग्रेस कार्यालय के लिए जमीन का आवंटन कराया और उस पर जिला कांग्रेस कार्यालय का निर्माण कराया। कांग्रेस कार्यालय में दीवारों पर कांग्रेस के पूर्व नेताओं तथा आजादी और स्वतंत्रता संग्राम यह समय के चित्रों को भी लगाया गया था और कांग्रेस कार्यालय का रखरखाव भी अच्छी तरह से होता था। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोडक़र भाजपा में जाने के साथ ही कांग्रेस कार्यालय की रौनक भी धीरे-धीरे खत्म होती गई। इस समय कांग्रेस कार्यालय पर दिग्विजय सिंह समर्थकों की तूती बोल रही है, वर्तमान कांग्रेसी नेता सिर्फ अपनी नेतागिरी चमकाने में व्यस्त हैं। लेकिन कांग्रेस कार्यालय कर रखरखाव ना होने के कारण उसकी सुंदरता को भी ग्रहण लगता जा रहा है हालात यह है कि कांग्रेस कार्यालय में पुताई तक नहीं हो पा रही है।