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42 दिन में 49 जिलों में तय किया 4000 किमी का रास्ता

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा

42 दिन में 49 जिलों में तय किया 4000 किमी का रास्ता
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ग्वालियरमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं के भरोसे चौथी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं। श्री चौहान ज्यादातर सभाओं, रैलियों व रोड शो में राज्य सरकार की 172 जन कल्याणकारी योजनाओं को गिना रहे हैं और इन्हीं के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने के लिए जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं। पिछले 42 दिनों के दौरान वह प्रदेश के 49 जिलों में 4000 किमी की यात्रा तय कर चुके हैं। इस यात्रा के माध्यम से श्री चौहान अब तक करीब 175 विधानसभाओं में पहुंचकर जनता से आशीर्वाद मांग चुके हैं। ज्यादातर रैलियों व सभाओं में वह कांग्रेस पर जमकर हमला बोल रहे हैं। वह अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं के भरोसे चुनाव में मैदान में उतरे हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या शिवराज सिंह चौहान इस बार इन योजनाओं के जरिए चुनाव जीत पाएंगे, क्योंकि उनकी ही तरह कांग्रेस भी यात्राएं निकाल रही है और प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के कांग्रेस नेता प्रदेश में सक्रिय हैं, जो ताबड़तोड़ रैलियां, रोड शो और सभाएं कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में चौथी बार सत्ता पर काबिज होने के उद्देश्य से जनता से आशीर्वाद लेने के लिए 14 जुलाई को उज्जैन से जन आशीर्वाद यात्रा लेकर निकले। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मालवा भाजपा का गढ़ माना जाता है, इसलिए बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेकर यात्रा की शुरूआत मुख्यमंत्री ने की। यात्रा अभी तक प्रदेश के 175 विधानसभाओं को कवर कर चुकी है। इनमें ज्यादातर सीटें ऐसी हैं, जो भाजपा के कब्जे वाली हैं। कुछ ऐसी भी सीटे हैं, जो कांग्रेस का अभेद किला हैं और भाजपा लम्बे समय से इन्हें भेद नहीं पाई है। मुख्यमंत्री इन अभेद किले को भेदने के लिए यहां भी यात्रा लेकर पहुंचे और सरकार की योजनाएं गिनाईं और जनता से आशीर्वाद मांगा। ग्वालियर-चम्बल अंचल के शिवपुरी, गुना, भिण्ड जिलों की ऐसी विधानसभाओं में भी यात्रा आ चुकी है, जो कांग्रेस की कब्जे वाली हैं। मंगलवार को कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले रीवा संभाग में भी मुख्यमंत्री यात्रा लेकर पहुंचे और माहौल भाजपा के पक्ष में बनाने का प्रयास किया। यात्रा जुलाई में शुरू हुई और बीच में अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर रोकना भी पड़ी, पर मुख्यमंत्री बैठे नहीं और फिर यात्रा शुरू की, जो अब यात्रा का अंतिम चरण है। मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान पथराव हुए, नेताओं पर हमले हुए, रथ रोकने का प्रयास हुआ, उसके बाद भी यात्रा नहीं थमी और मुख्यमंत्री का रथ यथावत चलता रहा। मुख्यमंत्री पिछले डेढ़ माह से यात्रा लेकर प्रदेश में घूम रहे हैं और चौथी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री को कितना आशीर्वाद देती है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। पर मुख्यमंत्री की राह में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून में संशोधन के चलते सवर्णों की नाराजगी और एन्टी इनकमवेंसी सहित अन्य मुद्दे राह में रोड़ा बने हुए हैं। हालांकि भाजपा को विश्वास है और राजनीतिक पंडित मानते हैं मप्र में अभी भी शिवराज सिंह का आकर्षण बरकरार है। यही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रदेश नेतृत्व के अलावा यात्रा के प्रदेश प्रभारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद प्रभात झा सहित पूरे टीम का बड़ा योगदान रहा है। उनके कुशल मार्गदर्शन की वजह से ही यात्रा अपने अंतिम चरण में है। इस चुनावी समर में बात कांग्रेस की करें तो वह पूरी तरीके से प्रदेश सरकार पर हमलावर है और कोई भी मुद्दा छोडऩे के मूड में नहीं हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा का तोड़ निकालने के लिए राम वन गमन यात्रा निकाली, जो साकार रूप लेती इससे पहले ही रथ का पहिया गड़बड़ा गया।

मुख्यमंत्री के साथ चल रहीं साधना

एक ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बस की आगे वाली सीट पर बैठकर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं वहीं बस में उनकी पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान कारवां संभाले हुए हैं। एक महीने से ज्यादा समय तक चलने वाली इस यात्रा में साधना सिंह चुपचाप, लेकिन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वह यात्रा में पूरे समय मुख्यमंत्री के साथ हैं। जब शिवराज सिंह को भूख लगती है तो वह बस की पिछली सीट पर पहुंच जाते हैं, जहां साधना सिंह उन्हें अपने हाथ से बनाया हुआ खाना खिलाती हैं। मुख्यमंत्री की यात्रा सुबह नौ बजे से लेकर आधी रात तक चलती है। वह रात ढाई बजे तक रैली करते हैं। इस दौरान साधना सिंह उनका पूरा रखने के साथ रणनीति भी तैयार कर रही हैं। इस समय जब महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ अपराध चुनावों में मुख्य मुद्दा है। ऐसे में यह पावर कपल एक ऐसे व्यक्तित्व को बयां करता है, जो महिलाओं और बच्चियों सुरक्षा के लिए चिंतित है।

जबलपुर के बाद समाप्त होगी यात्रा

मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा 24 अक्टूबर बुधवार को ग्वालियर आ रही है। इससे पहले यह यात्रा सितम्बर में आना थीए लेकिन बीच में रुकने की वजह से नहीं आ सकी। यात्रा अपने अंतिम चरण में है। जबलपुर संभाग के बाद यात्रा समाप्त हो जाएगी। चुनाव को देखते हुए संभवत: इसी महीने यात्रा पूरी हो जाएगी।

यात्रा पर एक नजर

यात्रा को प्रारंभ हुए हो चुके हैं 42 दिन।

अभी तक चार हजार कि.मी. का रास्ता तय कर चुकी है जन आशीर्वाद यात्रा।

यात्रा के तहत 345 मंच, रथ सभाएं एवं रोड शो हो चुके हैं।

175 विधानसभाओं में पहुंच चुकी है यात्रा।

प्रदेश के 49 जिले हो चुके हैं कवर।

इन संभागों में पहुंची यात्रा जहां सीटों की स्थिति




Updated : 2018-10-24T16:46:07+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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