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शिवराज ने कहा "मैं इस आपदा पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करता हूं"

शिवराज ने कहा  मैं इस आपदा पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करता हूं

भोपाल। मध्य प्रदेश में भारी बारिश से तबाह हुई फसलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौर कर रहे हैं। साथ ही शिवराज ने सरकार से राजनीति छोड़ साथ मिलकर मदद के लिए आगे आने की बात कही है। मंदसौर जिले का दौरा करने के बाद बुधवार को शिवराज चंबल संभाग के दौरे पर जा रहे हैं। शिवराज ने कहा है कि मैं इस आपदा पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करता हूं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

बुधवार को अपने निवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'मैंने बाढ़ग्रस्त मंदसौर और नीमच का दौरा किया था। आज श्योपुर, भिंड, मुरैना जा रहा हूं।' शिवराज ने कहा कि मैं इस तबाही के बारे में सरकार से जानना चाहता हूं। अगर चंबल संभाग में तबाही मची है तो गांधी सागर बांध का पानी छोड़ने के कारण लेकिन मंदसौर और नीचम में भी तबाही आई है, यह आपदा अति वर्षा के कारण हुई। उन्होंने कहा कि यह आपदा मैन मेड है। मैन मेड इसलिए क्योंकि गांधी सागर बांध में निर्धारित मात्रा से अधिक जलभराव किया गया। सरकार और प्रशासन सोता रहा और लोग आफत का शिकार हो गए। उन्होंने कहा कि बांधों में बारिश के दिनों में कितना पानी भरा जाएगा, जलस्तर क्या होगा यह तय रहता है। तय स्तर से ज्यादा पानी नहीं भर सकते क्योंकि जुलाई, अगस्त और सितम्बर के बाद आगे भी उतना ही पानी गिरता है तो खतरा उत्पन्न हो सकता है।

शिवराज ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि लेकिन प्रशासन और सरकार खुद नहीं जानती गांधी सागर के बारे में। जितना भरा जाना चाहिए था उससे ज्यादा पानी भरा गया। मौसम विभाग की चेतावनी की अनदेखी की गई। इसीलिए गांधी सागर का अधिकतम लेबल 1312 था और 1320 को पार कर गया। बेक वाटर ने तबाही मचाई है फिर चाहे चंबल -शिवना हो या दूसरी नदियां।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दानदाताओं से अपील की थी कि बाढ़ग्रस्त इलाकों के लोगों की मदद कीजिए। आज से दानदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया। मैंने ऐसा मंजर पहले नहीं देखा नींव सहित मकान उखड़ गए, ट्रैक्टर बह गए, लोगों के पास कॉपी, किताब, रुपये, जेवर कुछ नहीं बचा। मुझे कहते हुए तकलीफ हो रही है कि हम मदद करना चाहते हैं लेकिन आपके मंत्री सिर्फ आरोप लगा रहे है क्योंकि आपके मंत्री वहां दिखाई नहीं दे रहे।

शिवराज ने कहा कि कई जगह मैं पहुंच गया लेकिन प्रशासन नही पंहुचा। मैं जाता हूं तो मुझ पर आरोप लगाए जाते हैं। कई ज्ञानवीर मंत्री मैदान में आरोप लगाने कूद जाते हैं। बाढ़ पीड़ितों को इस समय बिजली के नोटिस मिल रहे हैं। क्या यह अमानवीयता नहीं है, हम खुद कह रहे हैं कि केंद्र से मदद मांगों। पैसा रुकवाने के आरोपों पर शिवराज ने कहा कि सरकार और मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए कितने मंत्री गए केंद्र के पास। मैं पूछता हूं बताओ कब चिट्ठी लिखी। अरे अगर शिवराज ही मांगे तो तुम किस लिए सरकार में बैठे हो।

Updated : 2019-09-18T15:10:29+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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