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जल्द बदलेगा मुख्यमंत्री का उड़नखटोला

जल्द बदलेगा मुख्यमंत्री का उड़नखटोला
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शहर संवाददाता भोपाल

मुख्यमंत्री कमलनाथ का उडनख़टोला जल्द बदलेगा। मुख्यमंत्री के हवाई बेड़े में प्रोपलर एयरक्राफ्ट भी शामिल होगा। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इसी माह निविदा जारी हो जाएंगे। राज्य सरकार ने 8 सीटर प्रोपलर एयरक्राफ्ट खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। बताया जा रहा है कि इसकी बैठक क्षमता आरामदायक है। यह हर मौसम में अनुकूल है। मध्यप्रदेश में जिस तरह का मौसम रहता है वह इसके लिए बेहतर है।

बता दें कि शिवराज सरकार ने भी जेट एयरक्राफ्ट खरीदने की तैयारी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते इस प्रस्ताव को टालते हुए एक साल के लिए जेट विमान किराए पर लिया गया था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार में आते ही जेट विमान से लगभग आधी कीमत पर आने वाले प्रोपलर विमान को खरीदने पर सहमति दी। मुख्यमंत्री के विमान बेड़े में अभी तीन हैलीकॉप्टर और एक हवाई जहाज शामिल है। जरूरत पड़ने पर किराए के जेट प्लेन का इस्तेमाल भी किया जाता है। पिछली सरकार कम समय में अधिक दूरी तय करने के लिए सरकार जेट को उपयोगी मानती रही है, लेकिन अब विचार बदले हैं। कमलनाथ सरकार ने जेट से बेहतर प्रोपलर एयरक्राफ्ट को माना। एक तर्क यह भी रहा कि जेट की हवा में तो गति तेज होती है लेकिन उड़ान भरने और जमीन पर उतरने में अधिक समय लगता है। इसके मुकाबले प्रोपलर बेहतर है। इतना ही नहीं जेट विमान की तुलना में प्रोपलर विमान का मेंटनेंस भी सस्ता पड़ता है।

इसलिए खरीदा जा रहा विमान

जेट विमान के लिए लंबी हवाई पट्टी की आवश्यकता होती है। प्रदेश की कुल 31 हवाई पट्टी में से केवल 8 हवाई पट्टियां ऐसी हैं जहां जेट उतारा जा सकता है। इनमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो में हवाई पट्टी एवं मंदसौर, रीवा और दतिया राज्य सरकार की हवाई पट्टियां शामिल हैं। प्रदेश की हर हवाई पट्टी पर प्लेन उतारा जा सके, इसे ध्यान में रखते हुए प्रोपलर प्लेन खरीदा जा रहा है।

चुनाव आचार संहिता से पहले जारी होगा टेंडर

अगले माह राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने की संभावना है। इसके बाद निकाय चुनाव होना है। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि लोकसभा चुनाव संहिता के पहले इसके टेंडर जारी कर दिए जाएं। इसके लिए केन्द्र की नई गाइडलाइन के मुताबिक वर्ष 1999 के खरीदी और विक्रय नियम में भी बदलाव किए जा रहे हैं। इसमें सुरक्षा मानकों को और पुख्ता बनाए जाने की बात है।

Updated : 2019-02-20T21:28:43+05:30

Naveen

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