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हर जिले में एक कार्टूनिस्ट की सेवाएं लेगी पार्टी

विधानसभा चुनाव जैसे जैसे पास आते जा रहे है वैसे वैसे दोनो ही पार्टिया भाजपा व कांग्रेस की चुनावी रणनीति सामने आती जा रही है।

हर जिले में एक कार्टूनिस्ट की सेवाएं लेगी पार्टी
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कार्टूनों की मदद से भाजपा करेगी कांग्रेस पर हमला

भोपाल | विधानसभा चुनाव जैसे जैसे पास आते जा रहे है वैसे वैसे दोनो ही पार्टिया भाजपा व कांग्रेस की चुनावी रणनीति सामने आती जा रही है। भाजपा ने कांग्रेस को घेरने के लिए अब कार्टूनो की मदद लेने का फैसला लिया है । इसके लिए हर जिले में पार्टी एक कार्टूनिस्ट की सेवाए लेगी । इसके लिए पार्टी की जिला इकाइयो से कार्टूनिस्टो को खोजने का काम दिया है।

दरअसल पार्टी का मानना है कि नारो व पोस्टर बैनर से ज्यादा लोग कार्टूनो से प्रभावित होते है। इसलिए स्थानीय मुद्दे व कांग्रेस की कारगुजारियो को सामने लाने के लिए कार्टून सशक्त माध्यम बनेंगे। पिछले दिनो भाजपा कार्यालय में हुई आइटी एवं सोशल मीडिया विभाग की बैठक में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने निर्देश दिए थे कि आइटी टीम हर जिले में एक कार्टूनिस्ट की तलाश करे, जो चित्रों के साथ अच्छे व्यंग्य भी कर सकता हो। चुनाव के दौरान उससे कांग्रेस और वहां के स्थानीय मुद्दों पर कार्टून सोशल मीडिया में पोस्ट किए जाएं। तोमर ने कहा था कि सोशल मीडिया पर कोई फूहड़ पोस्ट नहीं होना चाहिए, लेकिन हमें विपक्ष को हर बात पर करारा जवाब भी देना है। तोमर के निर्देश के बाद जिला इकाइया कार्टूनिस्टो की तलाश कर रही है।

संभाग स्तर पर भाजपा लेगी घोषणा पत्र के लिए सुझाव

इसी के तहत भाजपा ने अभी से अपने चुनावी घोषणा पत्र के लिए कवायद शुरु कर दी है। पार्टी ने तय किया गया है कि इसके लिए गठित की गई कमेटी के सदस्य संभाग स्तर पर जाएंगे और वहां स्थानीय लोगों से सुझाव लेगी। यह सुझाव विभिन्न वर्गों की बैठक कर लिए जाएंगे। इसके अलावा पार्टी के नेताओं से भी विचार -विमर्श किया जाएगा। घोषणा पत्र में किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग, युवा और महिलाओं पर खास फोकस किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक बैठक में कहा गया कि किसानों और एससी-एसटी वर्ग में बढ़ रही नाराजगी को देखते हुए इनके लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की जानी चाहिए। ये घोषणाएं व्यवहारिक रूप से साकार होने वाली हों। घोषणा पत्र के एक हिस्से में चुनाव की घोषणाएं शामिल हों। दूसरे में सरकार के 15 साल के काम दिग्विजय सरकार के कार्यकाल से तुलना करके दिए जाएं।


Updated : 2018-07-06T19:30:41+05:30

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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