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मुख्यमंत्री धरने पर बैठें, मैं भी साथ में बैठूंगा : नाथ

मुख्यमंत्री धरने पर बैठें, मैं भी साथ में बैठूंगा : नाथ
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विशेष संवाददाता/भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है कि प्रदेश को केन्द्र की मोदी सरकार से काफी पैसा लेना है यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं स्वीकार कर चुके है। इसलिए में शिवराज सिंह से अपील करता हूँ कि जिस प्रकार से वे केन्द्र में जब कांग्रेस की सरकार थी उसके खिलाफ धरने पर बैठे थे वो अभी भी बैठे में भी समर्थन देकर साथ में बैठूँगा।

मीडिया से चर्चा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि केन्द्र में जब मनमोहन सरकार थी तब मुख्यमंत्री ने राज्य का पैसा रोकने का आरोप लगाते हुए धरना दिया था अब वही स्थिति है इसलिए उन्हे अब भी धरने पर बैठना चाहिए। उन्होने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव टालने के पीछे भी शिवराज सरकार का डर है उन्हे पता है कि चुनाव में हार तय है।शिवराज जनता का मूड समझ चुके है उन्हें पता है कि सरकार उनको घर भेजने को तैयार बैठी है। यही कारण है किसरकार ने पहले मंडी चुनाव टाले और अब नगरीय निकाय के चुनाव को टाल दिया है लेकिन वह कितना भी टाल ले नवंबर में जनता इनको सबक़ ज़रूर सिखायेगी।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह को हटाए जाने के प्रश्र पर उन्होने कहा कि यह चुनाव आयोग की कार्यवाही है लेकिन में नये मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से उम्मीद करता हूँ कि वे प्रदेश में निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराएँगे और कांग्रेस की शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करेंगे।

कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर विवाद जारी

भोपाल। करीब दो माह के इंतजार के बाद घोषित की गई प्रदेश कांग्रेस की चौरासी सदस्यों की कार्यकारिणी को लेकर विवाद तेज हो गया है। कार्यकारणी में पिछड़े वर्ग और अल्पसंयकों को महत्व देने के लिए सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। इससे इन वर्गो में काफी नाराजगी है। नाराजगी इस बात को लेकर है कि जो बुरे समय में पार्टी छोडकऱ गए और जिनकी चुनावों में जमानत जप्त हो गई उन्हें कार्यकारिणी में बड़े पदों से इस कारण नवाजा गया है,क्योंकि वे विशेष जाति व समाज वर्ग का प्रतिनिधित्व करते है। रीवा संभाग में ब्राहण मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है , इसके बाद भी एक भी ब्राहम्ण नेता को कार्यकारिणी में नहीं लिया गया। इसी तरह अनुसूचित जाति ,राजपूत व वैश्य समाज से भी किसी को पदाधिकारी नहीं बनाया गया। इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलना तय है। प्रदेश कार्यकारिणी में रीवा व शहडोल संभाग से कमलेश्वर पटेल और बिसाहूलाल सिंह को उपाध्यक्ष तथा मुजीब खान, सईद अहमद और सिद्धार्थ कुशवाहा को महासचिव बनाया गया है। जबकि हिमाद्री सिंह, मनीष पटेल और विक्रमादित्य सिंह को सचिव बनाया गया है। इसके पूर्व कांग्रेस की कार्यकारिणी में रीवा व शहडोल संभाग से कम से कम दो ब्राहण, एक या दो राजपूत, एक अनुसूचित जाति वर्ग और एक वैश्य समाज के प्रतिनिधि को स्थान मिलता रहा है। रीवा संभाग में बसपा की मजबूत उपस्थिति के कारण हर सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बनती है। इस कारण साी वर्गो को महत्व देना होगा। अन्यथा पार्टी की स्थिति कमजोर होगी।

Updated : 2018-07-12T17:51:02+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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