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हड़ताली जूनियर डाक्टरों से नहीं मिले मुख्यमंत्री

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना पर 329 पर दर्ज होगी प्राथमिकी

हड़ताली जूनियर डाक्टरों से नहीं मिले मुख्यमंत्री
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भोपाल। पिछले पांच दिन से हड़ताल कर रहे जूनियर डाक्टरों को आज उस समय झटका लगा जब अपना पक्ष रखने आज सीएम हाउस पहुचे जूड़ा एसोसियेशन के प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री ने समय नहीं दिया। इंतजार करने के बाद प्रतिनिधि मंडल वापस लौट गया। वहीं शासन ने हड़ताली जूनियर डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। 19 जूडा के पंजीयन निलंबित कराने के बाद अब एस्मा के तहत 329 जूनियर डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। इसके अलावा कॉलेज, हॉस्टल से निष्कासन और हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाए जाने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। शासन की सख्ती से घबराए प्रदेश के पांचों मेडीकल कालेजों के जूनियर डाक्टरों का प्रतिनिधि मंडल आज सुबह सीएम हाउस अपना पक्ष रखने पहुचा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें मिलने का समय ही नहीं दिया। काफी देर इंतजार करने के बाद प्रतिनिधि मंडल वापस लौट गया ।उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेश और एस्मा लगने के बावजूद शुक्रवार को भी जूडा ने हड़ताल जारी रखी। इस हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो चुकी है इलाज के अभाव में लोगों की मौतें तक होने लगी हंै। वहीं शासन की जूडा पर सख्त कार्रवाई जारी है। विभाग ने 19 जूडा के पंजीयन मप्र मेडिकल काउंसिल से 2 अगस्त तक के लिए निलंबित कर दिए हैं। इसके साथ ही सरकार ने एस्मा के तहत कार्रवाई के लिए हड़ताली जूनियर डॉक्टरों को चिन्हित कर दिया है।जीएमसी में 329 जूनियर डॉक्टरों पर एफआईआर करने के लिए नोटिस जारी किया है। हॉस्टल भी खाली करने को कहा गया है। यह नोटिस हाईकोर्ट द्वारा हड़ताल को अवैध घोषित किए जाने के बाद भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी रखने पर दिया गया है।

सूत्रों की माने तो जीएमसी प्रबंधन एफआईआर दर्ज कराने, कॉलेज, हॉस्टल से निष्कासन और हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाए जाने की तैयारी में है। कॉलेज प्रबंधन ने सभी छात्रों को गुरुवार देर रात तक काम पर लौटने का नोटिस दिया था, लेकिन इसके बावजूद जीएमसी के 329 जूनियर डॉक्टर काम पर नहीं लौटे। इसके साथ ही पिछले दो दिन में जितने भी नर्सिंग स्टाफ पर निष्कासन की कार्रवाई हुई, वह यथावत रहेगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सकीय सेवा आदर्श नियम 2018 में संशोधन करने का फैसला लिया है। बता दे कि सभी मेडिकल कॉलेज के जूडा स्टायपेंड में 20 हजार रुपए तक बढ़ोतरी व स्वशासी कर्मचारी 7वें वेतनमान की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

Updated : 2018-07-28T16:04:56+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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