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वीवीपैट से ईवीएम पर्चियों के मिलान पर हलफनामा दायर करे निर्वाचन आयोग : सुप्रीम कोर्ट

-कोर्ट ने कहा, निर्वाचन आयोग बताए कि वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम से मिलान करना क्यों बढ़ाया नहीं जा सकता

वीवीपैट से ईवीएम पर्चियों के मिलान पर हलफनामा दायर करे निर्वाचन आयोग : सुप्रीम कोर्ट
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान ईवीएम में 50 फीसदी वीवीपैट के इस्तेमाल की मांग को लेकर 21 विपक्षी दलों की संयुक्त रूप याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि आप इस संबंध में हलफनामा दायर कीजिए कि वीवीपीएटी पर्चियों का ईवीएम से मिलान करना बढ़ाया क्यों नहीं जा सकता है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने निर्वाचन आयोग को 28 मार्च तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी।

सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश पर निर्वाचन आयोग के उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन भी कोर्ट में उपस्थित थे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि पर्याप्त वीवीपीएटी पर्चियों के ईवीएम से मिलान की व्यवस्था पहले से है। इसे बढ़ाकर 50 फीसदी करना गैरजरूरी है। इससे समय और संसाधन दोनों की बर्बादी होगी। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी संस्थान, यहां तक कि न्यायपालिका को भी अपने को ठीक करने के लिए सुझाव लेने से अलग नहीं करना चाहिए। हर जगह सुधार की गुंजाइश होती है। आप तो खुद अपग्रेड करते हैं तब आप वीवीपीएटी क्यों नहीं ला रहे हैं। इस पर जजों को सोचने की जरूरत क्यों पड़ी है।

पिछले 15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया था। जिन विपक्षी नेताओं ने याचिका दायर की है उनमें टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू, एनसीपी के शरद पवार, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, शरद यादव, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा, डीएमके के एमके स्टालिन, सीपीएम के टीके रंगराजन, आरजेडी के मनोज कुमार झा, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, सीपीआई के सुधाकर रेड्डी, जेडीएस के कुंवर दानिश अली, रालोद के अजित सिंह, एआईयूडीएफ के एम बदरुद्दीन अजमल, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह, इंडियन युनियन मुस्लिम लीग के खुर्रम अनीस उमर, तेलंगाना जन समिति के प्रोफेसर कोडानडरम और नागा पीपुल्स फ्रंट के केजी किनी शामिल हैं।

याचिका में कहा गया है कि हर चुनाव क्षेत्र के 50 फीसदी बूथों पर वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम से मिलान होना चाहिए। फिलहाल निर्वाचन आयोग वीवीपैट का मिलान एक चुनाव क्षेत्र में एक बूथ पर ही करता है। याचिका में ईवीएम के जरिए चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। इन विपक्षी दलों ने हाल ही में निर्वाचन आयोग से भी 50 फीसदी बूथों पर वीवीपैट के इस्तेमाल की मांग की थी।

Updated : 25 March 2019 5:45 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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