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रैन बसेरों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, कई राज्यों पर किया जुर्माना

रैन बसेरों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, कई राज्यों पर किया जुर्माना
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नई दिल्ली। रैन बसेरों के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लोगों को बेघर नहीं छोड़ा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि जाड़े का मौसम आनेवाला है ऐसे में घर हर किसी की बुनियादी जरुरत है। कोर्ट ने शहरी आवास मंत्रालय की दलीलों को नाकाफी बताया ।

जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने शहरों में बेघरों की मदद करने के लिए सिविल सोसायटी के सदस्यों का नाम नोटिफाई नहीं किया । कोर्ट ने इन राज्यों पर एक लाख से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया। जिन 9 राज्यों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है उनमें चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, गोवा, मिजोरम मेघालय, ओडिशा और त्रिपुरा शामिल हैं। कोर्ट ने हरियाणा पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने केरल और उत्तराखंड सरकार को इसलिए जुर्माना नहीं लगाया कि ये राज्य प्राकृतिक आपदा का शिकार हैं। कोर्ट ने इन राज्यों को तीन सप्ताह में जुर्माने की रकम भरने का आदेश दिया ।

कोर्ट ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने आवास के लिए नीति बनाई है तो इसे सभी को लागू करना चाहिए। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया कि इस संबंध में दो हफ्ते में नोटिफिकेशन जारी करें।

एक याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कमेटी में जिन सरकारी अधिकारियों को शामिल किया गया है वे बैठकों में नहीं आते हैं। राजस्थान में तो कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव तक नहीं आते हैं। इसके बाद कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बैठकों में शामिल हों।

सुप्रीम कोर्ट इसके पहले भी राज्यों को फटकार लगा चुका है । कोर्ट ने 13 दिसंबर, 2017 को यूपी के चीफ सेक्रेटरी को तलब किया था। 23 नवंबर, 2017 को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव कोर्ट में पेश हुए थे ।

पहले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि ये वो लोग नहीं हैं जो अपनी इच्छा से गरीब हैं, घर नहीं चाहते, सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। लोगों को जरूरत है लेकिन सरकार को ये नहीं पता कि कितने लोग नाइट शेल्टरों में रह रहे हैं? उनके लिए खाना कहां से आ रहा है ? क्या वो भीख मांगकर खाते हैं? क्या उनके सोने की व्यवस्था है या नाइट शेल्टर के फर्श पर सो रहे हैं?

Updated : 2018-09-08T03:05:28+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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