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प्रियंका गांधी ने कश्मीरी पंडितों को दी पारसी नववर्ष की शुभकामनाएं, सोशल मीडिया पर हुई खिंचाई

प्रियंका गांधी ने कश्मीरी पंडितों को दी पारसी नववर्ष की शुभकामनाएं, सोशल मीडिया पर हुई खिंचाई
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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कश्मीरी पंडितों की परंपरा को निभाते हुए नए साल का पारम्परिक रूप से स्वागत किया लेकिन वह इसे पारसी नववर्ष बताने की भूल कर बैठीं। कश्मीरी पंडितों सहित देशभर से अनेक लोगों ने सोशल मीडिया पर इस भूल के लिए प्रियंका की खिंचाई की और उनसे गलती सुधारने के लिए कहा।

प्रियंका ने आज सुबह अपने एक ट्वीट में कश्मीरी भाई-बहनों को 'नौरोज मुबारक' कहते हुए नववर्ष की शुभकामना दी। वास्तव में शनिवार छह अप्रैल को शुरू होने वाले भारतीय नववर्ष को कश्मीरी लोग 'नवरेह' कहते हैं। नौरोज पारसियों और ईरान का पारम्परिक नववर्ष है, जो गत 21 मार्च को पड़ा था।

कश्मीरी पंडित देश के अन्य भागों की तरह चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन नववर्ष मनाते हैं। इस दिन कश्मीरी परिवारों में महिलाएं ताम्बे या स्टील की थाली में फूल, दही, चावल, शहद, मिश्री, इष्टदेवता का चित्र, नया पंचांग आदि रख कर पूजा अर्चन करती हैं। नेहरू-गांधी परिवार में भी यह परंपरा चली आ रही है।

प्रियंका ने अपने ट्वीट में कहा, 'मां ने कहा था कि थाली लगाना मत भूलना। कल मुझे थाली लगाने का समय ही नहीं मिल पाया लेकिन जब मैं रोड शो के बाद घर लौटी तो खाने की मेज पर मुझे सजी सजाई थाली मिली। कितनी प्यारी होती है मां।' इस सन्देश के साथ थाली का चित्र भी पोस्ट किया गया था।

प्रियंका के सन्देश को हजारों लोगों ने रिट्वीट किया। कईयो ने उन्हें उलाहना दी और कुछ ने गलती सुधारने की सलाह। आलोचकों ने कहा कि कश्मीरी पंडित बनने का ढोंग मत रचो, थाली का चित्र भी नकली है, गूगल से उठाया गया है।

सोशल मीडिया पर गलती उजागर होने के बाद भी प्रियंका के ट्वीटर अकाउंट पर पुराना संदेश बना रहा।



Updated : 6 April 2019 2:43 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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