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सबरीमाला मंदिर पर सर्वदलीय बैठक बेनतीजा, अयप्पा भक्तों और प्रशासन के बीच टकराव की आशंका

सबरीमाला मंदिर पर सर्वदलीय बैठक बेनतीजा, अयप्पा भक्तों और प्रशासन के बीच टकराव की आशंका
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तिरुवनंतपुरम। केरल में भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर के कपाट खुलने के पहले राज्य की वाम मोर्चा सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर अड़ियल रुख अपनाने के आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार किया। सरकार ने मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने संबंधित उच्चतम न्यायालय के फैसले से उत्पन्न स्थिति पर आम सहमति बनाने के लिए आज यह बैठक बुलाई थी।

सबरीमाला मंदिर के कपाट शुक्रवार शाम को खुलने हैं तथा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर राज्य सरकार और अयप्पा भक्तों के बीच तकरार की स्थिति कायम है। मुख्यमंत्री पी. विजयन ने अपने रुख में कुछ नरमी लाते हुए आज मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) के. राजीव वारू और मंदिर के परंपरा गत संरक्षक पंदलम राज्य परिवार के प्रतिनिधियों से विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने पुजारी और मंदिर के संरक्षकों को बताया कि सरकार पर उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस संबंध में दूसरे पक्ष से सहयोग मांगा।

पंडलम राज परिवार के प्रतिनिधि शशि कुमार वर्मा ने बाद में मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री के कथन का वह यह अर्थ निकाल रहे हैं कि प्रतिबंधित आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को रोकने के लिए सरकार की ओर से कुछ नहीं किया जा सकता। पुजारी और प्रबंधक इस संबंध में महिलाओं से मंदिर में नहीं आने का आग्रह कर सकते हैं।

मुख्य पुजारी और मंदिर के संरक्षक ने कहा कि वे अपने इस रवैये पर कायम हैं कि महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस बीच, पंदलम राज परिवार ने अयप्पा भक्तों से आग्रह किया है कि वे राज्य सरकार के नियंत्रण वाले त्रावणकोर देवाश्वम बोर्ड को किसी प्रकार का चंदा या दान नहीं दे और न ही बोर्ड द्वारा संचालित स्टॉलों से प्रसाद और अन्य सामग्री खरीदें।

उल्लेखनीय है कि बोर्ड के रवैये से क्षुब्ध होकर अयप्पा भक्तों ने बोर्ड द्वारा संचालित मंदिरों में दान और चंदा देना बंद कर दिया है, जिससे करोड़ों रुपए की हानि हो रही है। वित्तमंत्री थॉमस इसाक ने स्वीकार किया है कि अयप्पा भक्तों के असहयोग के कारण मंदिरों के रखरखाव के लिए आर्थिक संसाधनों की किल्लत हो रही है।

Updated : 2018-11-19T01:06:22+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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