Top
Home > Lead Story > मोदी वाराणसी, राहुल अमेठी के अलावा और कहां से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव!

मोदी वाराणसी, राहुल अमेठी के अलावा और कहां से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव!

मोदी वाराणसी, राहुल अमेठी के अलावा और कहां से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव!
X

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी वाराणसी के अलावा एक और किस लोकसभा सीट से तथा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी के अलावा किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, इसको लेकर अनिश्चय बना हुआ है। शुक्रवार 8 मार्च को भाजपा संसदीय बोर्ड की हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाराणसी संसदीय सीट से फिरसे चुनाव लड़ने की मंजूरी मिल गई है। लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि वह उसके अलावा एक और सीट से चुनाव लड़ेंगे। कहां से लड़ेंगे इसका खुलासा अभी नहीं किया जा रहा है। संभवत: जब नामांकन करना हो उस समय उजागर किया जाये। इधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार भी अमेठी से ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, इसकी घोषणा हो गई है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए जो 15 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की उसमें राहुल गांधी का नाम है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी के अलावा गुजरात के वडोदरा संसदीय सीट से लड़े थे और दोनों सीटों पर जीते थे। बाद में वडोदरा सीट छोड़ दिये थे। इस बार गुजरात की वडोदरा के अलावा ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट को भी उनके लिए छोड़ा गया है। सूत्रों का कहना है कि ओडिशा भाजपा संगठन ने पुरी से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम भेजा है। इसी तरह से गुजरात भाजपा ने भी वडोदरा से लोकसभा प्रत्याशी बनाने के लिए नरेन्द्र मोदी का नाम भेजा है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी के अलावा जिस संसदीय सीट से आसानी से अधिक मतों से जीत सकते हैं और उसका असर उस राज्य व समाज के मतदाताओं को लुभाने में ज्यादे प्रभावी होगा ,पार्टी उस सीट से उनको उम्मीदवार बनाने की कोशिश करेगी। इसके मद्देनजर उनको ओडिशा या गुजरात से किसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाने की बात चल रही है। यदि वह ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं, तो संभावना है कि उनके विरूद्ध बीजू जनता दल (बीजद) अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करे। पुरी सीट बीजद के कब्जे में है। राज्य के विकास के लिए बीजद प्रमुख व ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पुरी लोकसभा सीट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन कर सकते हैं। लेकिन कांग्रेस उनके विरूद्ध प्रत्याशी उतारेगी। ओडिशा भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी यदि पुरी लोकसभा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़े तो इसका असर लोकसभा के साथ हो रहे राज्य विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। ओडिशा के वरिष्ठ पत्रकार संदीप साहू का कहना है कि भाजपा जबतक नवीन पटनायक के साथ खुलकर दो-दो हाथ नहीं करेगी, तब तक राज्य में आधार नहीं बढ़ा पाएगी। भाजपा के स्थानीय नेता तो बीजद सरकार व नेताओं की खुलकर आलोचना करते हैं, लेकिन यहां जब भी किसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आये तो उन्होंने आलोचना करते समय नवीन पटनायक का नाम नहीं लिया। इससे जनता में यह संदेश जाता है कि मोदी किसी न किसी कारण से नवीन पटनायक के प्रति नरम हैं। इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार डा. हरि देसाई का कहना है कि बीजद से भाजपा का 11 वर्ष गठबंधन रहा है। गठबंधन के दौरान भाजपा को पश्चिम ओडिशा से लड़ने के लिए सीटें मिलती रहीं। सो पश्चिम ओडिशा में भाजपा का कार्य बढ़ा है, पकड़ बनी है। यही वजह कि भाजपा पश्चिम ओडिशा पर अधिक फोकस की हुई है। लेकिन पूर्वी ओडिशा में बीजद का प्रभाव है। वहां से बीजद को अधिक सीटें मिलेंगी। वैसे भी 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजद ने राज्य की 21 लोकसभा सीटों में से 20 सीटें जीती थी। भाजपा को मात्र 1 सीट मिली थी। इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को 2 से 3 सीटें जीतने की उम्मीद है। यदि प्रधानमंत्री यहां से लोकसभा चुनाव लड़ते हैं तो लोकसभा के साथ हो रहे विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को फायदा होगा। दोनों में ही सीटें बढ़ सकती हैं। ओडिशा के वरिष्ठ पत्रकार डी.प्रधान का कहना है कि राज्य की जनता बीजद से ऊब गई है और विकास चाहती है। वह कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहती है, बेहतर विकल्प नहीं मिल पाने के कारण बीजद को वोट दे रही है। लेकिन बहुत से मतदाता ऐसे हैं जिनको लगने लगा है कि बीजद 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपानीत राजग में शामिल हो सकती है। ये वे मतदाता हैं जो कांग्रेस छोड़कर बीजद में आये हैं। वे मजबूरी में कांग्रेस की तरफ जा सकते हैं। यही वजह है कि बीजद प्रमुख नवीन पटनायक भाजपा से सम्मानजनक दूरी बनाये रखने का संकेत दे रहे हैं।

जहां तक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का सवाल है तो वह तीन बार से ( 2004 , 2009 व 2014 के लोकसभा चुनाव में) अमेठी संसदीय सीट से चुनाव जीतते रहे हैं। वहां से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा 15 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करते समय कर दी गई है। कुछ कांग्रेसी रणनीतिकार उनको एक अन्य सीट से भी चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने ( राहुल) कुछ कहा नहीं है। इसके चलते कांग्रेसी रणनीतिकार पसोपेश में हैं। फिर भी उनके लिए महाराष्ट्र, कर्नाटक , छत्तीसगढ़ में अच्छी सीट देख रहे हैं। इस बारे में पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेन्द्र का कहना है कि राहुल गांधी जुझारू व्यक्ति हैं। वह अमेठी से चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। इसके लिए वह बिना डरे हर चुनौती आगे बढ़कर स्वीकार कर रहे हैं। इसलिए यह कहना कि वह एक और किसी सुरक्षित सीट से भी लड़ेंगे, जल्दीबाजी होगी। वैसे तो युद्ध की तरह चुनाव में भी जीतने के लिए सेनापति को हर तरह का उपक्रम करना ही चाहिए।

Updated : 2019-03-12T19:44:06+05:30
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top