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2019 में भाजपा की सीटें घटेंगी तो भी सरकार एनडीए की बनेगी - पीके

2019 में भाजपा की सीटें घटेंगी तो भी सरकार एनडीए की बनेगी - पीके
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नई दिल्ली। भाजपा के लिए चुनावी सर्वे करते-करते, इनपुट देते-देते प्रशांत किशोर(पीके) जिस तरह से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आंख-कान और जनता दल यूनाइटेड(जदयू) के उपाध्यक्ष बन गए हैं, अब अपना भाव और बढ़ाने के लिए तीसरा मोर्चा बनाने की कसरत कर रहे हैं। उससे पार्टी के वे वरिष्ठ नेता जिसने नीतीश के साथ कंधा से कंधा मिलाकर राष्ट्रीय जनता दल(राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से लोहा लिया, नीतीश के लिए जाॅर्ज फर्नानडिस से संबंध तोड़ा, बहुत दुखी हैं।

जदयू के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि प्रशांत किशोर हो सकता है बहुत बड़े राजनीतिक भविष्यवक्ता हों लेकिन प्रमाण यह भी है कि वह कांग्रेस के लिए यूपी विधानसभा चुनाव में कुछ नहीं कर पाए। वे प्रशांत किशोर जदयू के लिए क्या करेंगे यह अगले लोकसभा चुनाव और उसके बाद राज्य विधानसभा चुनाव में पता चल जाएगा। उनके रिश्ते भाजपा नेताओं से आज भी अच्छे हैं, वह आज भी नीतीश के बजाय भाजपा के नेता ही प्रधानमंत्री बनने की बात कह रहे हैं। संकेत दे रहे हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यदि 175 सीटें मिली तो भी अपने सहयोगी दलों व तीसरे मोर्चे के लगभग 70 से 80 सांसदों के सहयोग से वही प्रधानमंत्री बनेंगे जो अभी हैं। यह सब कहते हुए तीसरे मोर्चा बनवाने की कसरत करने वाले प्रशांत किशोर इसमें कितना सफल हो पाएंगे, दो माह बाद सामने आ जाएगा।

इस बारे में आन्ध्र प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार वी. पारसा का कहना है कि आन्ध्र प्रदेश के वाईएसआर कांग्रेस नेता जगन मोहन रेड्डी को यदि भाजपा को मदद करना है तो वह प्रशांत किशोर के मार्फत क्यों भाजपा को मदद करेंगे। जगन मोहन रेड्डी का तो सीधे भाजपा के नेताओं से संबंध बन गया है। वो और उनकी पार्टी के सांसद संसद में भाजपा की हर तरह से मदद कर रहे हैं। जगन ने उनसे राज्य में चुनावी सर्वे कराया था, चुनाव प्रचार व प्रबंधन का कुछ इनपुट लिया था और उसका भुगतान किया था। इतना ही कामकाजी संबंध है।

आन्ध्र प्रदेश व तेलंगाना के एक अन्य वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रकांत का कहना है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री व तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) पार्टी के प्रमुख के. चन्द्रशेखर राव की बेटी कविता भी अपने पिता द्वारा तथाकथित गैर भाजपा-गैर कांग्रेस तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिश को आगे बढ़ाने में लगी हुई हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि इनकी कोशिश गैर कांग्रेसी तीसरा मोर्चा बनाकर केन्द्र की भाजपानीत सरकार से अधिक से अधिक लाभ लेने की है। चन्द्रशेखर राव अपनी बेटी कविता को केन्द्र में मंत्री बनवाना चाहते हैं। इसके लिए वह भाजपानीत केन्द्र सरकार के कहे पर सबकुछ करने को तैयार हैं। इसी के मद्देनजर 2019 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना में टीआरएस व भाजपा के आपस में तालमेल करके लड़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशांत किशोर टीआरएस से क्या पहल करेंगे और उनकी पहल को राव कितना तरजीह देंगे यह देखना होगा।

उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद ही अपनी तरफ से विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने, गैरभाजपा गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही हैं। उनकी नीतीश कुमार से भी सीधे बात होती रहती है। आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व तेलुगू देशम पार्टी(तेदेपा) प्रमुख चन्द्रबाबू नायडू ने एक तरह से कांग्रेस से तालमेल कर ही लिया है। तमिलनाडु के डीएमके नेता स्टालिन ने तो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री का प्रत्याशी ही घोषित कर दिया है। कर्नाटक में जदएस से कांग्रेस का गठबंधन व राज्य में सरकार ही है। जम्मू कश्मीर की नेशनल कांफ्रेस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला भी कांग्रेस की तरफदारी वाले बयान देने लगे हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सौहार्दता केन्द्र की भाजपा सरकार के प्रति बनी हुई है। यह सब देखते हुए यही कहा जा सकता है कि प्रशांत किशोर जो कुछ भी कर रहे हैं, जदयू में अपनी स्थित अच्छी बनाए रखने के लिए कर रहे हैं। क्योंकि उनको राज्य सभा में भी जाना है और राज्य व केन्द्र में भाजपा व जदयू के बीच की कड़ी बनना है।

इस बारे में भाजपा सांसद लालसिंह बड़ोदिया का कहना है कि वह (प्रशांत किशोर) या अन्य जो लोग भी भाजपा को अगले लोकसभा चुनाव में 175 सीटें लाने की बात कह रहे हैं, उनका आंकलन उचित नहीं लग रहा है। क्योंकि अन्य कई सर्वे एजेंसियों व राजनीतिज्ञों का अनुमान है कि किसी भी हालत में भाजपा की सीटें 200 से कम नहीं होंगी और जब 200 से कम नहीं होंगी तब तो भाजपा वैसे भी अपने सहयोगी दलों के साथ सरकार बना लेगी। फिर किसी तीसरे या चौथे मोर्चे की जरूरत कहां रहेगी ? वैसे तो मेरा (लाल सिंह बड़ोदिया) मानना है कि भाजपा की ही सीटें बहुमत के लगभग आ जाएंगी। (हि.स.)

Updated : 2019-01-05T14:43:40+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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