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लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा - ऐसा आचरण सदन के नियमों के खिलाफ

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा - ऐसा आचरण सदन के नियमों के खिलाफ
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नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तब अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जबरदस्त हमला बोलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाकर उनसे गले लग गए। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अंत समय में राहुल गांधी को टोका भी कि यह करना ठीक नहीं है। इस व्यवहार के बाद उन्हें कहा कि ऐसा आचरण सदन के नियमों के खिलाफ है।



उल्लेखनीय है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते समय राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा और फिर अंत में कहा, 'मेरे मन में आपके लिए नफरत या द्वेषपूर्ण भावनाएं रत्ती भर भी नहीं हैं। आप मुझसे नफरत करते हैं, मैं शायद आपके लिए 'पप्पू' हूं। लेकिन मैं आपसे प्यार करता हूं और आपका सम्मान करता हूं, क्योंकि मैं कांग्रेस हूं। मैं आपको बदल दूंगा। आपकी नफरत समाप्त करके आपको भी कांग्रेस बना दूंगा।' उसके बाद वह सत्तारूढ़ बेंच की तरफ बढ़े। प्रधानमंत्री ने बैठे-बैठे ही उनकी ओर मिलाने के लिए हाथ बढ़ा दिया। लेकिन राहुल गांधी ने उन्हें गले लगाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी कुछ प्रतिक्रिया दे पाते उससे पहले ही राहुल गांधी प्रधानमंत्री के गले लग गए। राहुल के इस आचरण से प्रधानमंत्री अचंभित रह गए। फिर वापस जाते हुए राहुल को उन्होंने बुलाया और उनकी पीठ थपथपाकर हाथ मिलाया। विपक्षी सदस्यों ने राहुल के इस रवैये पर खड़े होकर और मेजें थपथपाकर सम्मान जाहिर किया। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि ऐसा आचरण सदन के नियमों के खिलाफ है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से गले मिलने और सीट पर बैठते समय अपने साथी सांसद को आंख मारे जाने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने तीव्र आपत्ति व्यक्त करते हुए इसे संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताया।

सुमित्रा महाजन ने राहुल द्वारा अपने सहयोगी सांसद की ओर देखकर आंख मारने को 'बुरा आचरण' बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से गले मिलना उतना गलत नहीं है जितना कि उसके बाद सदन में 'आंख चमकाना' ।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह गले मिलने को क्यों मना करेंगी। वह मां हैं और प्रेमभाव को समझती हैं लेकिन सदन की अपनी मर्यादा व तौर तरीके हैं। इनका ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन में ऐसा कभी नहीं होता।

सदन में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जब राहुल के व्यवहार की सफाई देते हुए उनका पक्ष लिया तो अध्यक्ष ने कहा, 'खड़गे जी, आप एक अनुभवी वरिष्ठ सांसद हैं, आपने भी कभी ऐसा नहीं किया होगा, क्यों (युवा सांसदों को) बिगाड़ रहे हो।'' उन्होंने खड़गे से कहा, '' आपने पूरा घटना क्रम नहीं देखा। राहुल ने वापस अपनी सीट पर आकर आंख चमकाई ।'' क्यों बिगाड़ रहे हो।'' उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा कायम रखना अध्यक्ष ही नहीं, सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। अनुभवी सांसदों को युवा सांसदों के लिए आदर्श पेश करना चाहिए।

राहुल का पक्ष लेते हुए कांग्रेस के अनेक सांसद खड़े होकर सफाई देने लगे । इनमें से एक गौरव गोगोई ने अध्यक्ष से पूछा गले मिलने में क्या गलत है। इस पर अध्यक्ष ने कहा, ''बेटा गौरव, आपको जीवन में अभी बहुत कुछ समझना है।'' सदन में किस तरह का व्यवहार हो, इसका ध्यान रखना चाहिए।

अध्यक्ष ने कहा कि नरेन्द्र मोदी मात्र सांसद नहीं हैं। वह देश के प्रधानमंत्री हैं। सदन में वह प्रधानमंत्री की सीट पर बैठे हैं। ऐसे में गले मिलने जैसा आचरण नहीं किया जाना चाहिए।

Updated : 2018-07-21T22:31:31+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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