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मिजोरम में 26 सीटें जीतकर जोरामथंगा बने किंग

मिजोरम में 26 सीटें जीतकर जोरामथंगा बने किंग
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आइजोल। मिजोरम विधानसभा चुनाव के परिणाम औपचारिक रूप से घोषित कर दिए गए हैं। एमएनएफ को 26, कांग्रेस को 05, जेडपीएम समेत अन्य के खाते में 08 और भाजपा के खाते में 01 सीट आई हैं। मिजो नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष जोरामथंगा राज्य की 40 में से 26 सीटें जीतकर अगले पांच वर्ष के लिए किंग बन गए हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि एमएनएफ को गठबंधन की आवश्यकता होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सुबह मतगणना के आरंभ होने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि राज्य में जोरामथंगा का सत्ता का वनवास खत्म होने जा रहा है। क्षेत्रीयतावादी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट(एमएनएफ) ने कुल 37.6 फीसद मत प्राप्त कर 26 सीटें जीतकर स्पष्ट जनादेस हासिल किया है।

उल्लेखनीय है कि 10 वर्ष बाद एमएनएफ पुनः सत्ता में वापसी करने में सफल हुई है। पिछले 10 वर्षों से राज्य की सत्ता में काबिज कांग्रेस पार्टी की इस बार के विधानसभा चुनाव में करारी हार हुई है।

मत प्रतिशत के आधार पर एमएनएफ ने कांग्रेस से 7.4 फीसद अधिक मत प्राप्त किया है। आंकड़ों के अनुसार एमएनएफ को कुल 37.6 फीसद के साथ 2,37,119 मत मिले। कांग्रेस को 30.2 फीसद के साथ 1,90,307 मत मिले। जेडपीएम समेत अन्य को 22.9 फीसद के साथ 1,44,710 मत मिले। भाजपा को 8.0 फीसद के साथ 50,744 मत मिले। एनपीईपी को 0.6 फीसद के साथ 3,626 मत मिले। पीआरआईएसएमपी को 0.2 फीसद के साथ 1260 मत मिले। जबकि नोटा पर 0.5 फीसद यानि 2917 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

इस बार के चुनाव का सबसे आश्चर्यजनक परिणाम कांग्रेस के मुख्यमंत्री का दो-दो चुनाव क्षेत्र से हार जाना है। जबकि जेडपीएम के अध्यक्ष ने दो-दो विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल की है। राज्य के दिग्गतों की बात करें तो आइजोल ईस्ट-1 से एमएनएफ के अध्यक्ष जोरामथांगा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के सापडांगा से 2504 मतों से जीत हासिल की। वहीं सरचिप से जेडपीएम के अध्यक्ष लालदुहूमा ने 410 मतों से कांग्रेसी उम्मीदवार व मुख्यमंत्री लालथनहावला को हराया है। साउथ चाम्फाई से एमएनएफ उम्मीदवार टीजे लालनुनट्लुंगा ने 1049 मतों से कांग्रेस उम्मीदवार व मुख्यमंत्री लालथनहावला को पराजित किया। इसी तरह, तुइच्वांग विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार डॉ बीडी चकमा ने 1594 मतों से एमएनएफ उम्मीदवार रासिक मोहन चकमा को हराया है। वेस्ट तुइपुई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेसी उम्मीदवार निहार कांति चकमा ने भाजपा उम्मीदवार किना रंजन चकमा को 2385 मतों से पराजित किया है।

संभवतः राज्य के चुनावी गणित का आभास मुख्यमंत्री लालथनहावला को पहले ही हो गया था। यही कारण है कि वे दो चुनाव क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरे लेकिन मतदाताओं ने उन्हें दोनों ही क्षेत्रों से नकार दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य में बहुमत का आंकड़ा 21 सीटों का है। जबकि अकेले ही एमएनएफ ने 26 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य की सत्ता में वापसी कर ली है। सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस को महज 05 सीटें मिली हैं, जबकि जेडपीएम समेत अन्य को 8 सीटें हासिल हुई हैं।

वहीं, मिजोरम राज्य के गठन के बाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने एक सीट जीतकर राज्य में अपना खाता खोल लिया है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा पर हिंदू पार्टी होने का आरोप मढ़कर जमकर प्रचार किया था लेकिन कांग्रेस कहीं न कहीं एमएनएफ को कमतर मानकर चल रही थी। कांग्रेस के रणनीतिकारों को लग रहा था कि उसका मुकाबला जेडपीएम से है लेकिन अंदरखाने हवा एमएनएफ की ओर से बह रही थी, जिसको कांग्रेस नहीं समझ पाई।

एमएनएफ के अध्यक्ष व दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री जोरामथांगा इस बार के चुनाव में मतदाताओं की नब्ज को टटोलने में पूरी तरह से सफल रहे। एमएनएफ अध्यक्ष आइजोल ईस्ट-1 विधानसभा क्षेत्र से 2504 मतों से जीत हासिल की है। वहीं कांग्रेस के राज्य के प्रमुख चेहरा व पांच बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन लालथनहावला साउथ चम्फाई और सेरचिप यानी दोनों विधानसभा सीटों से बड़े अंतर से चुनाव हार गए।

एमएनएफ के अध्यक्ष जोरामथांगा ने चुनाव परिणाम आने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस के कुशासन और चर्च तथा स्थानीय संगठनों के विरोध के बावजूद राज्य में शराब के कारोबार को कांग्रेस द्वारा अनुमति दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार का मुख्य एजेंडा राज्य का तेजी से आर्थिक विकास, सामाजिक-आर्थिक विकास, राज्य की खस्ताहाल सड़कों को बेहतर बनाना, राज्य में शराब की बिक्री को पूरी तरह से प्रतिबंधित करना तथा राज्य के सामूहिक विकास प्रमुख है। उन्होंने एमएनएफ की जीत के लिए राज्य की जनता का आभार जताया। माना जा रहा है कि बहुत जल्द जोरामथांगा राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का अपना दावा पेश करेंगे। (हिस)

Updated : 2019-01-05T14:22:22+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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