Top
Home > Lead Story > मानव मिशन को इसरो और वायुसेना मिलकर देंगे नया रूप

मानव मिशन को इसरो और वायुसेना मिलकर देंगे नया रूप

मानव मिशन को इसरो और वायुसेना मिलकर देंगे नया रूप
X

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के मानव मिशन के लिए भारतीय वायुसेना ने एक समझौता कर लिया है। इसरो 2022 तक तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में ले जाएगा। इसके लिए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन और ट्रेनिंग इसरो और वायुसेना मिलकर देगी। इसरो प्रमुख के सिवन की मौजूदगी में वायुसेना के एवीएम आरजीके कपूर और गगनयान मिशन के डायरेक्टर आर हट्टन ने एमओयू पर साइन किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत वर्ष कैबिनेट बैठक के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इसरो के मिशन गगनयान के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी। इस मिशन के माध्यम से 3 भारतीय अंतरिक्ष में सात दिन गुजारेंगे। भारत अपने मिशन में कामयाब होता है तो ऐसा करने वाला वह दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। अब तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही अंतरिक्ष में अपना मानवयुक्त यान भेजने में सफलता प्राप्त की है।

वायु सेना के पूर्व पायलट राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय थे। वहीं भारत में जन्मी कल्पना चावला और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स भी अंतरिक्ष जा चुकी हैं।

रांची। बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के एक मामले में झारखंड की राजधानी रांची स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने आज 16 दोषियों में से ग्यारह को तीन-तीन साल और पांच को चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई।

विशेष न्यायाधीश एस. एन. मिश्रा की अदालत ने चाईबासा कोषागार से 37.7० करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले आरसी 2०ए/96 में 16 दोषियों को यह सजा सुनाई है। अदालत ने इससे पूर्व 15 मई 2०19 को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में अदालत ने उमेश दुबे, महेंद्र कुंदन, बसंत सिन्हा, किशोर झा और राम अवतार शमार् को चार-चार साल वहीं भारतेश्वर नारायण, अपर्णिता कुंडू, राजेंद्र कुमार हरित, अदिति जोदार, लोल मोहन गोप, विमल कुमार अग्रवाल, शाहदेव प्रसाद, ब्रजकिशोर अग्रवाल, मधु, संजीव कुमार वासुदेव एवं अनिल कुमार को तीन-तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। इन दोषियों पर अधिकतम सात लाख रुपये और न्यूनतम 25 हजार रुपये तक का जुमार्ना भी लगाया गया है।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई की विशेष अदालत इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष एवं लालू प्रसाद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र समेत 46 आरोपियों को वर्ष 2०13 में सुना चुकी है। इस मामले से जुड़े 18 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने न्यायालय में बाद में आरोप-पत्र दायर किया था इसलिए इन आरोपियों के खिलाफ मामले की सुनवाई अन्य आरोपियों से अलग बाद में शुरू हुई थी।

Updated : 29 May 2019 1:00 PM GMT
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top