Top
Home > Lead Story > केन्द्र सरकार पूर्ण बजट पेश करने की तैयारी में, विपक्ष विरोध में लामबंद

केन्द्र सरकार पूर्ण बजट पेश करने की तैयारी में, विपक्ष विरोध में लामबंद

सभी विभागों से मांगे जा रहे विवरण से विपक्ष सतर्क

केन्द्र सरकार पूर्ण बजट पेश करने की तैयारी में, विपक्ष विरोध में लामबंद
X

नई दिल्ली। जो सरकार बजट सत्र के तुरंत बाद लोकसभा चुनाव में जा रही है, वह केवल लेखानुदान मांग का प्रस्ताव करती है। अभी तक यही परम्परा रही है। माना जा रहा था कि मोदी सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में तीन माह ( अप्रैल , मई , जून 2019) का बजट पेश करेगी। लेकिन विपक्ष को अाशंका है कि मोदी सरकार अब तक स्थापित इस परम्परा को भी तोड़ेगी। इसलिए विपक्ष अभी से लामबंद हो रहा है और सरकार ने पूर्ण बजट पेश करने की कोशिश की तो कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल संसद ठप्प करेंगे।

सूत्रों बता रहे हैं कि वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा इस बार भी फरवरी, 2019 में पूर्ण बजट पेश करने के रुख को देखते हुए कांग्रेस के रणनीतिकारों ने प्रमुख विपक्षी दलों से बातचीत की है। जिसमें यह सहमति बनी है कि यदि यह सरकार अपने पांचवें वर्ष में केवल तीन माह के लिए कामचलाऊ बजट न पेश करके , अगले पांच साल के लिए चुनी सरकार की तरह बजट पेश करेगी तो व्यापक विरोध किया जाएगा। वर्तमान सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में अब तक पांच बजट पेश कर चुके हैं। इसलिए उनको अब फरवरी 2019 में होने वाले बजट सत्र में सरकार को लेखानुदान के मार्फत जुलाई 2019 तक के खर्च का पैसा लेना चाहिए। मई 2019 में जो नई सरकार बनेगी वह जुलाई 2019 में पूर्ण बजट पेश करेगी।

माना जा रहा है कि मोदी सरकार इस परम्परा को तोड़ने के लिए इस बार भी पूर्ण बजट पेश करने की तैयारी कर रही है। यह आशंका यूं ही नहीं है। सूत्रों के अनुसार सरकार ने सभी मंत्रालयों, विभागों को योजनाओं और उसके लिए आवंटित राशि और खर्चे का विवरण देने को कहा है। यह तभी होता है जब सरकार पूर्ण बजट पेश करती है। इसको लेकर कुछ सांसदों ने जब पूछताछ की तब कई मंत्रालयों के अधिकारियों ने बताया कि सरकार जनता को अपने पांच वर्ष के कार्य का हिसाब देकर चुनाव में जाना चाहती है, इसलिए यह विवरण मांगा गया है।

इस बारे में वरिष्ठ सांसद रवि वर्मा का कहना है कि सरकार को जो भी खर्च करना होता है, उसकी अनुमति संसद देती है। इस सरकार को संसद से 31 मार्च, 2019 तक का बजट पास कराना मुश्किल है। क्योंकि इस सरकार का कार्यकाल मई, 2019 तक ही है। उसके बाद चाहे यह सरकार आये या कोई अन्य, जो आएगी वह मार्च, 2019 तक का बजट पास करेगी। यह सरकार केवल तीन माह - अप्रैल , मई , जून 2019 तक के खर्चे के लिए लेखानुदान के मार्फत धन लेगी। जहां तक अपने पांच वर्ष का कार्य का विवरण देने का सवाल है , यह तो हर सरकार चुनाव में जाने के पहले करती है। हां , यह हो सकता है कि यह सरकार व इसके नेता अगली बार भी सरकार बनाने पर अगले एक वर्ष में क्या करेंगे, अपने उस इरादे की अभिव्यक्ति कर सकते हैं। हो सकता है उसी के लिए सभी मंत्रालयों से आंकड़े जुटाये जा रहे हों।

Updated : 2018-12-04T02:01:42+05:30
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top