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छत्तीसगढ़ में बसपा ने कांग्रेस को दिखाया ठेंगा

मायावती जोगी के साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव

छत्तीसगढ़ में बसपा ने कांग्रेस को दिखाया ठेंगा
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रायपुर/स्वदेश वेब डेस्क। बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस के महागठबंधन की तमाम कोशिशों पर पानी फेरते हुए छत्तीसगढ़ में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ चुनाव लडऩे की घोषणा कर प्रदेश की दो दावेदार पार्टियों भाजपा व कांग्रेस के समक्ष कड़ी चुनौती पेश कर दी है। कहा तो ये जा रहा था कि मायावती लगातार कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं और जल्द ही कोई सर्वमान्य रास्ता निकाल लेंगी। लेकिन, राजनीति में सब कुछ पूर्व निर्धारित नहीं होता। यहां केवल संभावनाएं ही होती हैं। बहन जी की इस पहल से कांग्रेस को जोरदार झटका माना जा रहा है। उसके प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल बसपा के साथ गठबंधन की कोशिशों में जुटे थे। राज्य में भाजपा का अपनी सत्ता बचाने तो कांग्रेस का सत्ता में आने का संघर्ष सातवें आसमान पर है। छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने की सूरत में जोगी गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री होंगे।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के सपा प्रभारी गुरुवार को लखनऊ थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात में उन्होंने इस संभावित गठबंधन की सूचना भी दी थी। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव को मायावती की इस राजनीतिक पलटबाजी का भान न था। सपा उत्तर प्रदेश के बाहर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बनने वाले संभावित गठबंधन में बसपा को साझीदार के रूप में देख रही थी। लेकिन, मायावती अवसर भुनाने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने प्रदेश के जनजाति बहुल समुदाय पर निशाना साधते हुए अजीत जोगी के पाले में छलांग लगा दी। प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति का 40 फीसदी हिस्सा देखते हुए अगर दोनों समुदाय एकजुट गए तो उनको पंख लग सकते हैं। इस समझौते के तहत जोगी की पार्टी 55 और बसपा 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

मध्य प्रदेश में भी प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ बसपा के साथ गठबंधन के हिमायती थे लेकिन बहन जी की बड़ी हिस्सेदारी कांग्रेस को रास नहीं आ रही है। इससे वहां भी बात नहीं बन पा रही है। इस बात की संभावना है कि दोनों का गठजोड़ कहीं मध्य प्रदेश में भी कोई नया गुल न खिला दे। जोगी पिछले उपचुनावों में कांग्रेस का खेल खराब करते रहे हैं। ऐसे में बसपा के साथ मिलकर वे मध्य प्रदेश में भी नए राजनीतिक समीकरण स्थापित कर सकते हैं।

मायावती ने कांग्रेस के महागठबंधन की रणनीति को ध्वस्त करते हुए अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ समझौता करते हुए वे अब कांग्रेस के समक्ष ही चुनौती पेश करने जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं। राज्य में अभी कुल 11 लोकसभा और 5 राज्यसभा की सीटें हैं। छत्तीसगढ़ में 27 जिले हैं। राज्य विधानसभा में 51 सीट सामान्य, 10 सीट अनुसूचित जाति और 29 सीट जनजाति के लिए आरक्षित हैं।

कांग्रेस पर साधा निशाना

मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने अजीत जोगी का छत्तीसगढ़ में इस्तेमाल किया और फिर उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने आगे कहा कि वह गठबंधन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन दूसरी पार्टियों को भी अपना दिल बड़ा करना होगा। इस साल के आखिर में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बार बसपा पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने को तैयार है। यही वजह है कि पार्टी प्रमुख मायावती ने प्रदेश की जिताऊ विधानसभा सीटों का गुप्त सर्वे कराना शुरू कर दिया है।

Updated : 2018-09-21T05:31:55+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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