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सीबीआई: सुप्रीम कोर्ट से बहाली के एक दिन बाद अलोक वर्मा को निदेशक पद से हटाया

सीबीआई: सुप्रीम कोर्ट से बहाली के एक दिन बाद अलोक वर्मा को निदेशक पद से हटाया
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने गुरुवार को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया। सीबीआई के निदेशक पद पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से मिली बहाली के एक दिन बाद प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित चयन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। नए निदेशक की नियुक्ति या अगले आदेश तक अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव सीबीआई के निदेशक का भी कामकाज संभालेंगे।

सूत्रों के अनुसार, समिति ने मुख्य सतर्कता आयुक्त(सीवीसी) की सिफारिशों के आधार पर वर्मा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को सही माना। चयन समिति में प्रधानमंत्री के अलावा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रतिनिधि के तौर पर न्यायमूर्ति एके सिकरी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाग लिया था। हालांकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें हटाए जाने का विरोध किया था। अलोक वर्मा को अग्निशमन विभाग, सिविल डिफेंस और होमगार्ड का महानिदेशक बनाया गया है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद पर बहाल करने का फैसला सुनाया था। साथ ही उनके नीतिगत फैसले लेने पर रोक लगाई थी। इसके अलावा उनका भविष्य चयन समिति पर छोड़ दिया था। वर्मा ने दोबारा कार्यभार संभालने के बाद सीबीआई में कुछ तबादले किए थे।

आलोक वर्मा को 23 अक्टूबर की रात को विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ छुट्टी पर भेज दिया गया था। उनके स्थान पर एम. नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खुद को छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद उन्हें बुधवार को दोबारा निदेशक पद पर नियुक्त किया गया। आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच में काफी समय से मतभेद चल रहा था, जिसके चलते देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी दो हिस्सों में बंट गई थी। सरकार ने एजेंसी को दो हिस्सों में बंटता देख सीवीसी के माध्यम से दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेज दिया था। इस दौरान वह करीब 77 दिन तक सीबीआई की कामकाज से दूर रहे। इसके बाद उन्हें दोबारा सुप्रीम कोर्ट ने अपने पद पर बहाल कर दिया। वर्मा का कार्यकाल 3 सप्ताह बाद यानी 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने निर्णय में उन्हें किसी भी बड़े नीतिगत फैसले को लेने से मना किया है।(हि.स.)

Updated : 2019-02-27T14:50:31+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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