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भाजपा का अटैक, पी. चिदंबरम की भगोड़े विजय माल्या और नीरव मोदी जैसी हरकत क्यों?

भाजपा का अटैक, पी. चिदंबरम की भगोड़े विजय माल्या और नीरव मोदी जैसी हरकत क्यों?
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नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के मामले में अग्रिम जमानत न मिल पाने के चलते लापता चल रहे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को लेकर राजनीति भी तेज गई है। सीबीआई और ईडी के लुकआउट नोटिस को कांग्रेस ने राजनीतिक साजिश करार दिया है तो बीजेपी ने पूर्व वित्त मंत्री की तुलना विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगोड़ों से की है। बीजेपी ने कहा कि आखिर पी. चिदंबरम केंद्रीय एजेंसियों को जांच में सहयोग देने की बजाय भगोड़े विजय माल्या और नीरव मोदी जैसी हरकत क्यों कर रहे हैं।

बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से अग्रिम जमानत पर तत्काल सुनवाई से इनकार के बाद कांग्रेस पर हमला बोला। राव ने कहा, 'गांधी फैमिली ने पी. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में आगे बढ़ने के लिए फ्री हैंड दिया है। चिदंबरम माल्य और नीरव मोदी जैसी हरकत कर रहे हैं। कोई भी नहीं बचेगा।'

बीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यदि पी. चिदंबरम ने कुछ गलत किया है तो फिर उन्हें अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। जांच एजेंसियों सरकार के कहने से कुछ नहीं करतीं। उनके पास स्वतंत्र रूप से काम करने की ताकत है। बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने पी. चिदंबरम का बचाव किया है। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने कहा कि उन्हें सरकार के खिलाफ बोलने की सजा दी जा रही है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि पार्टी सच के लिए लड़ती रहेगी। हमें अंजाम की कोई परवाह नहीं है। पी. चिदंबरम को सच बोलने के लिए परेशान किया जा रहा है। प्रियंका के इस ट्वीट पर बीजेपी लीडर अमित मालवीय ने तंज कसा है। मालवीय ने कहा, 'प्रियंका का चिदंबरम को सपॉर्ट करना समझ आता है। उनके पास रॉबर्ट वाड्रा के समर्थन में खड़े रहने का अनुभव भी है। जो खुद कई गंभीर आर्थिक मामलों का सामना कर रहे हैं।'

गौरतलब है कि पी. चिदंबरम के वकीलों की तमाम कोशिशों के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अग्रिम जमानत पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अब शीर्ष अदालत ने पूर्व वित्त मंत्री की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला किया है। दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज किए जाने के बाद पूर्व वित्त मंत्री के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। पूरे दिन SC में चिदंबरम के 11 दिग्गज वकीलों की टीम डटी रही पर फौरी राहत दिलाने में नाकाम रही।

Updated : 21 Aug 2019 2:50 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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