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छत्तीसगढ़ : शपथग्रहण के बाद बगावत के सुर तेज, पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र कांग्रेस नेता अमितेष शुक्ल हुए नाराज

छत्तीसगढ़ : शपथग्रहण के बाद बगावत के सुर तेज, पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र कांग्रेस नेता अमितेष शुक्ल हुए नाराज

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में नवनिर्वाचित कांग्रेस सरकार में शपथग्रहण समारोह के तुरंत बाद बगावत के सुर तेज हो गए हैं। प्रदेश में साहू, माली, गौड़ समाज और पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल के बेटे ने जातिगत समीकरण के आधार पर मंत्रिमंडल में ठीक से संतुलन न बिठा पाने का आरोप लगाते हुए विधानसभा का बहिष्कार करने की धमकी दी है। स्वदेश ने अपनी रिपोर्ट में इस तरह की आशंका एक सप्ताह पहले ही व्यक्त कर दी थी, जिसे सच होने में मंत्रिमंडल के गठन होने के बाद एक दिन का समय भी न लगा और प्रदेश में असंतुष्टों ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। माना जा रहा है कि लोकसभा के चुनावों को देखते हुए नाराज विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल के पुत्र अमितेष शुक्ल को मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से वे खासे नाराज बताए जाते हैं। नाराज अमितेष तो शपथ ग्रहण समारोह में शामिल ही नहीं हुए। उन्होंने सरेआम मीडिया में जाकर बयान दिया कि गांधी परिवार से उनके तीन पीढ़ी से संबंध होने के बावजूद उनकी अनदेखी किया जाना बर्दाश्त के बाहर है। इसके अलावा साहू समाज के असरदार नेता माने जाने वाले अनुभवी धनेंद्र साहू को जगह नहीं मिलने पर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। धनेंद्र ने अनुशासन की सारी सीमाएं लांघते हुए लोकसभा में सबक सिखाने की धमकी दे डाली है। वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा की अनदेखी भी भारी पड़ती नजर आ रही है।इसी तरह गौड़ समाज के प्रतिनिधि के तौर माने जाने वाले आठ बार के विधायक रामपुकार सिंह की अनदेखी के चलते कई स्थानीय नेता विद्रोह पर उतारू हो गए हैं। करीब 250 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर रामपुकार सिंह अपने निर्वाचन क्षेत्र पत्थलगांव की ओर रवाना हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि आदिवासी गौड़ समाज के नेता बेदराम सिदार, पूरन सिंह सिदार, अनुभान सिंह, चतुरसाय सिदार ने जोगी से मिलकर लोकसभा चुनाव में सबक सिखाने की बात कह दी है। मंत्रिमंडल में कद्दावर नेता चरणदास महंत को जगह नहीं मिल पाना किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर इस स्तर पर भी अनदेखी की सीमा पार की जाएगी। जशपुर जिले से जीतकर आए विधाायक हंसराज अग्रवाल ने भी विद्रोहियों के साथ मिलकर विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं।

Updated : 2019-01-05T14:20:40+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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