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किसानों से मोदी सरकार के कार्यकाल में खरीदे गए 44142 करोड़ रूपए के दलहन एवं तिलहन

किसानों से मोदी सरकार के कार्यकाल में खरीदे गए 44142 करोड़ रूपए के दलहन एवं तिलहन
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नई दिल्ली। कृषि एवं किसानों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार हर स्तर से प्रयास कर रही है। वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने की दिशा में निरंतर पहल करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के साथ ही किसानों के लिए लाभकारी और स्थिर मूल्य आधारित वातावरण देने पर जोर दिया है। इस क्रम में सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान दलहन एवं तिलहन के उत्पाजदन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की गतिविधियां आरंभ की हैं ताकि देश में खाद्यान्नोंन के क्षेत्र में आत्म निर्भरता प्राप्त करते हुए किसानों की आय में भी अधिकाधिक वृद्धि की जा सके। इस दिशा में मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) पर भारत सरकार द्वारा 44142.50 करोड़ रुपये मूल्यर की 93.97 लाख टन दलहन एवं तिलहन की खरीद की गई है।

मंत्रालय के मुताबिक, इसमें 35,800 करोड़ रुपये मूल्यि की 78.84 लाख टन की खरीद अकेले मध्यी प्रदेश, गुजरात, राजस्थांन, उत्तरर प्रदेश, महाराष्ट्रक, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में की गई है। इस अवधि के दौरान दलहनों एवं तिलहनों की खरीद से 54 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए जो यह दर्शाता है कि एमएसपी पर खरीद से प्रत्येएक किसान को औसतन लगभग 80000 रुपये का लाभ पहुंचा था।

मंत्रालय ने मौजूदा मोदी सरकार और पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार के कार्यकाल में हुई दलहन खरीद का तुलनात्मक आंकड़ा पेश करते हुए बताया है कि देश में वर्ष 2009-10 के दौरान दलहनों का उत्पा दन 14.66 मिलियन टन था जबकि इसकी तुलना में वर्ष 2017-18 के दौरान दलहनों का उत्पादन 25.23 मिलियन टन हुआ है। इस प्रकार, दलहनों के उत्पादन में 72.10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, उपरोक्त अवधि के दौरान 24.88 मिलियन टन तिलहनों के उत्पादन की तुलना में 31.3 मिलियन टन तिलहनों का उत्पादन हुआ है। इस प्रकार तिलहनों के उत्पादन में भी 25.80 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।

उत्पादन में यह वृद्धि, विशेषकर दलहनों के क्षेत्र में केंद्र सरकार की सक्रिय व समन्वित रणनीति का नतीजा है जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए दलहनों के बुवाई क्षेत्र के विस्तार पर जोर देना, प्रभावी फसल बीमा स्कीम प्रारंभ करना शामिल है। चूंकि दलहन की खेती अधिकतर वर्षा सिंचित क्षेत्रों में की जाती है, इसलिए जल संरक्षण उपाय करने पर भी खासतौर पर जोर दिया गया है।

भारत सरकार द्वारा एमएसपी पर दलहनों की रिकार्ड खरीद करके उत्पादकों की सहायता की गई है। इसके अतिरिक्तं भारत सरकार के दलहनों के बफर स्टाक रखने के निर्णय से भी देश में दलहनों के उत्पादन में बृद्धि करने में काफी सहायता मिली है। इस वर्ष उत्पादन लागत के डेढ़ गुना न्यूानतम समर्थन मूल्य बढाने जैसे सरकार द्वारा उठाए गए साहसिक कदम से किसानों को देश के लिए दलहन एवं तिलहन का उत्पादन करने में और अधिक प्रोत्साहन मिला है।

Updated : 2018-12-12T21:40:02+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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