Top
Home > Lead Story > राम मंदिर आन्दोलन के संघर्ष के समय कहां थे तोगड़िया -विहिप

राम मंदिर आन्दोलन के संघर्ष के समय कहां थे तोगड़िया -विहिप

— स्व. सिंहल को भी नीचा दिखाने का दुस्साहस किया था तोगड़िया - विहिप

राम मंदिर आन्दोलन के संघर्ष के समय कहां थे तोगड़िया -विहिप
X

लखननऊ/स्वदेश वेब डेस्क। प्रवीण भाई तोगड़िया के जाने से विश्व हिन्दू परिषद को कोई नुकसान नहीं होगा। राम जन्मभूमि आन्दोलन के संघर्ष के समय तोगड़िया अपनी कमाई में लगे थे आज त्याग की प्रतिमूर्ति बनकर सामने आ रहे हैं। यह बातें विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी ने हिन्दुस्थान समाचार से कही।

उन्होंने कहा कि​ राम जन्मभूमि आन्दोलन 07 अक्टूबर 1984 को शुरू हुआ तब से लेकर 1992 तक तोगड़िया कहां थे। कहा कि जब संघर्ष का समय था उस समय प्रवीण भाई तोगड़िया अपनी कमाई व प्रैक्टिस में लगे थे। कहा कि उनके साथ वही लोग हैं जो विचारों के परिपक्व नहीं हैं और स्वार्थ की भावना से प्रेरित हैं।

कहा कि स्व. अशोक सिंहल ने कई बार प्रवीण भाई को समझाने का प्रयास किया था इसके बावजूद प्रवीण भाई ने अपने आचरण में बदलाव नहीं किया। विहिप की स्थापना काल से लेकर अब तक अध्यक्ष सर्व सम्मति से बनते आये हैं। तोगड़िया के अड़ने के कारण पहली बार चुनाव कराना पड़ा। वह अपने आपको सर्वेसर्वा मानते थे। कई बार तोगड़िया ने स्व. अशोक सिंहल को भी नीचा दिखाने का दुस्साहस किया था।

अशोक तिवारी ने कहा कि प्रवीण भाई बहुत ही महत्वाकांक्षी व्यक्ति हैं। अब उनका कोई भी भविष्य नहीं है। अभी हाल ही में उन्होंने अयोध्या कूच किया था रिजल्ट सामने है। पहले उन्होंने कहा था कि पांच लाख लोग अयोध्या कूच करेंगे। फिर कहा कि एक लाख। संख्या अयोध्या में केवल हजारों में ही पहुंची। रामभक्त प्रवीण तोगड़िया के बहकावे में नहीं आने वाला है। उसे विहिप के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। विहिप संतों के आदेश होते ही राम मंदिर के लिए आन्दोलन प्रारम्भ करेगा।

विहिप प्रवक्ता ने कहा कि अगर 2018 से पहले केन्द्र सरकार मंदिर निर्माण के बारे में ठोस निर्णय नहीं लेती है तो विहिप 2019 के धर्म संसद में लिये गये निर्णय के मुताबिक काम करेगी। बताया कि धर्म संसद में 10 हजार संत हिस्सा लेंगे अगर जरूरत पड़ी तो विहिप आन्दोलन छेड़ने के लिए भी तैयार है। विहिप नवम्बर में सभी राज्यों के राज्यपालों को मंदिर निर्माण के लिए ज्ञापन सौंपेंगी। इसके बाद देश के सभी जिलों में संकल्प सभाओं का आयोजन होगा और स्थानीय सांसद को ज्ञापन दिया जायेगा।

Updated : 2018-11-03T21:35:52+05:30
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top