CSK vs KKR IPL Match: 683 दिनों बाद महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर कप्तान के तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स की कमान संभाली, लेकिन उनकी वापसी भी टीम की किस्मत नहीं बदल सकी। चेन्नई को अपने होम ग्राउंड चेपॉक स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों 8 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
इस सीजन में यह टीम की लगातार पांचवीं हार रही। मुकाबले में सीएसके की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही और टीम सिर्फ 103 रन ही बना सकी, जिसे केकेआर ने महज 10 ओवर में हासिल कर तीसरी जीत दर्ज की।
चेन्नई के प्रशंसकों को उम्मीद थी कि 11 अप्रैल से उनकी टीम की किस्मत बदल जाएगी, क्योंकि एक बार फिर कप्तानी एमएस धोनी के हाथों में थी। धोनी ने पिछले 17 सालों में कई बार अपनी टीम को मुश्किल हालातों से निकालकर जीत दिलाई है। लेकिन इस बार हालात अलग थे। ऐसा लग रहा है कि 43 साल की उम्र में धोनी में अब वो जादू नहीं रहा जो कभी वो मैदान पर दिखाते थे।
चेपॉक में चेन्नई की सबसे खराब बैटिंग
चेन्नई सुपर किंग्स की बल्लेबाजी इस सीजन शुरू से ही संघर्ष करती नजर आई है । वहीं कोलकाता के खिलाफ घरेलू मैदान पर तो हालत और भी खराब हो गई। पहले बल्लेबाजी करते हुए सीएसके की टीम महज 103 रन ही बना सकी। टीम ने अपने 9 विकेट सिर्फ 79 रन तक गंवा दिए थे।
हालांकि, अंत में शिवम दुबे की कुछ शानदार हिटिंग और विजय शंकर की तेज 29 रन की पारी ने स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। फिर भी यह स्कोर चेपॉक स्टेडियम में चेन्नई का सबसे छोटा स्कोर बन गया। कोलकाता की स्पिन तिकड़ी सुनील नरेन (3 विकेट), वरुण चक्रवर्ती (2 विकेट) और मोईन अली (1 विकेट) ने चेन्नई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी ।
केकेआर ने 61 गेंदों में पलट दिया मैच
चेन्नई की धीमी बल्लेबाजी को देखकर अगर किसी को लगा कि पिच पर रन बनाना मुश्किल है, तो कोलकाता नाइट राइडर्स के बल्लेबाजों ने इस भ्रम को तोड़ दिया। क्विंटन डी कॉक (23) और सुनील नरेन (44) ने महज 4 ओवर में 46 रन जोड़कर तूफानी शुरुआत दी।
सीएसके के लिए डेब्यू कर रहे अंशुल कंबोज ने डिकॉक को आउट जरूर किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। कप्तान अजिंक्य रहाणे (नाबाद 20) ने आते ही आक्रामक बल्लेबाजी की और नरेन ने भी चौके-छक्कों की बरसात जारी रखी। नरेन अर्धशतक से चूक गए लेकिन रिंकू सिंह (नाबाद 15) और रहाणे ने मिलकर मैच को सिर्फ 10.1 ओवर में खत्म कर दिया और केकेआर को सीजन की शानदार तीसरी जीत दिला दी।