अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की मध्यस्थता से समझौता संभव है और होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुल सकता है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सीजफायर की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक प्रारंभिक समझ बनी है। इसके तहत सोमवार से सीजफायर लागू हो सकता है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस समझौते के तहत रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जा सकता है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर को कम करने की कोशिश होगी।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से तैयार हुआ फ्रेमवर्क
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का फ्रेमवर्क पाकिस्तान ने तैयार किया है। इसे दोनों देशों के साथ साझा किया गया। जिसमें दो चरणों वाली प्रक्रिया शामिल है। पहले तत्काल सीजफायर और उसके बाद व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में पाकिस्तान एक अहम 'कम्युनिकेशन चैनल' की भूमिका निभा रहा है। प्रारंभिक समझ को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अंतिम रूप दिया गया है। जिसे आगे MoU के रूप में तैयार किया जाएगा।
45 दिन के सीजफायर पर भी चर्चा
इससे पहले रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया था कि दोनों देशों के बीच 45 दिन के संभावित सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है। प्रस्ताव के अनुसार, सीजफायर लागू होने के बाद 15 से 20 दिनों के भीतर एक बड़े समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है।
अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक अमेरिका और ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भी इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
ईरान की शर्तें और आगे की राह
ईरानी अधिकारियों ने पहले संकेत दिए थे कि वे स्थायी सीजफायर के लिए सुरक्षा गारंटी चाहते हैं। इसमें अमेरिका और इजरायल की ओर से भविष्य में किसी हमले की संभावना खत्म हो। साथ ही, संभावित समझौते में यह भी शामिल हो सकता है कि ईरान प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज संपत्तियों की वापसी के बदले परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ाएगा।
वैश्विक असर पर नजर
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की स्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल, सभी पक्षों की आधिकारिक पुष्टि और आगे की कूटनीतिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।