Breaking News
  • राहुल राजस्थान से करेंगे पेपरलीक के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत, 17 जून को कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन
  • भारतीय मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम का टेस्ट कामयाब: 5000km से आ रही मिसाइल को मार गिराएगा
  • फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी
  • अभिषेक बनर्जी के घर रात 3 बजे पुलिस की रेड: चार घंटे तक तलाशी
  • असम: वायुसेना विमान हादसे में पांच जवान शहीद, जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ था AN-32 मालवाहक

होम > विदेश

US Iran Strike Hormuz Crisis

सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला, होर्मुज में फंसे 1500 जहाजों से बढ़ा वैश्विक तनाव

अमेरिका ने सीजफायर के बीच ईरान पर फिर हमला किया है। होर्मुज स्ट्रेट में 1500 जहाज फंस गए हैं, जबकि ट्रम्प ने ईरान को नए हमलों की खुली चेतावनी दी है।


सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला होर्मुज में फंसे 1500 जहाजों से बढ़ा वैश्विक तनाव

Iran-US Ceasefire Action LIVE Update |

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने सीजफायर के बीच ईरान पर नई बमबारी की है, जिसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सैन्य और समुद्री संकट गहरा गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद तेहरान ने बिना किसी हिचकिचाहट जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालात ऐसे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट में करीब 1500 जहाज फंस चुके हैं।

इस टकराव का असर अब सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा। तेल सप्लाई, वैश्विक व्यापार और हजारों नाविकों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है।

ट्रम्प ने दी खुली चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान को सीधे चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान किसी समझौते पर नहीं आता तो अमेरिका आगे भी हमले करेगा। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों पर हमला किया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी नौकाओं को तबाह कर दिया। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रम्प के बयान से साफ है कि वॉशिंगटन अब दबाव की रणनीति को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा सकता है।

अमेरिकी कार्रवाई सीजफायर उल्लंघन

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस TV के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने जास्क के पास एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया। यह टैंकर होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहा था। खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि हमला ईरानी समुद्री क्षेत्र के भीतर हुआ। ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया है। तेहरान ने साफ किया कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो जवाबी कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। इससे पूरे क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका और बढ़ गई है।

होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 1500 जहाज

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास करीब 1500 जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर लगभग 20 हजार नाविक मौजूद हैं। लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और हमलों के डर से समुद्री आवाजाही प्रभावित हो रही है।होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में गिना जाता है। यहां संकट बढ़ने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।

चीनी टैंकर पर हमला, तेल कीमतों पर असर शुरू

चीन ने भी पुष्टि की है कि होर्मुज स्ट्रेट में एक चीनी तेल टैंकर पर हमला हुआ है। जहाज पर चीनी नागरिक मौजूद थे, हालांकि किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। न के विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर बीजिंग बेहद चिंतित है। इसके साथ ही चीन ने 9 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का ऐलान कर दिया है।

सरकारी एजेंसी के मुताबिक पेट्रोल की कीमतों में 320 युआन प्रति मीट्रिक टन और डीजल में 310 युआन प्रति मीट्रिक टन की बढ़ोतरी होगी। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि होर्मुज संकट का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार तक पहुंच चुका है।

इजराइल में ईरान के लिए जासूसी का आरोप

तनाव के बीच इजराइल में भी बड़ा सुरक्षा मामला सामने आया है। वहां तीन सैनिकों और एक आम नागरिक को ईरान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इजराइली एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने एयरफोर्स ट्रेनिंग फैसिलिटी समेत कई संवेदनशील सैन्य ठिकानों के वीडियो रिकॉर्ड किए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ आरोपियों ने खुद ईरानी एजेंट्स से संपर्क किया था। मामले के सामने आने के बाद इजराइली सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को और संवेदनशील बना दिया है।

होर्मुज में फंसे भारतीय नाविकों की बढ़ी चिंता

ईरानी बंदरगाहों के आसपास फंसे भारतीय नाविकों की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है। भारतीय नाविक अनीश ने बताया कि वे पिछले करीब 10 हफ्तों से जहाज पर फंसे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध, मिसाइल हमलों और लगातार तनाव ने नाविकों की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला है। कई लोगों को अब तक सैलरी भी नहीं मिली है।

अनीश के मुताबिक जहाजों पर खाने-पीने की दिक्कत बढ़ रही है। फिलहाल कई नाविक सीमित राशन पर गुजारा कर रहे हैं, जबकि कुछ दूसरे जहाजों पर पानी और भोजन तेजी से कम हो रहा है। मध्य पूर्व का यह संकट अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रह गया। इसका असर दुनिया के व्यापार, तेल बाजार और हजारों आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है।

Related to this topic: