ब्रिटेन की संसद में ग्रूमिंग गैंग पीड़िताओं की गवाही के बाद मामला फिर सुर्खियों में है। सांसद रूपर्ट लोव ने संगठित यौन शोषण, पुलिस की भूमिका और राष्ट्रीय जांच की मांग को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
लंदन। ब्रिटेन में वर्षों से विवाद का विषय रहे ग्रूमिंग गैंग कांड पर एक बार फिर राष्ट्रीय बहस छिड़ गई है। सांसद Rupert Lowe ने संसद में दिए एक भाषण के दौरान कथित पीड़िताओं की गवाहियां पढ़ते हुए संगठित बाल यौन शोषण के मामलों पर कड़ी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि देश के कम से कम 85 क्षेत्रों में ऐसे नेटवर्क के संकेत मिले हैं और कई मामलों में पीड़िताओं को लंबे समय तक व्यवस्थित तरीके से शोषण का सामना करना पड़ा। ज्यादातर आरोपी पाकिस्तान है।
संसद में पढ़ी गईं पीड़िताओं की गवाहियां
रूपर्ट लोव ने कहा कि हाल की सुनवाई के दौरान सामने आए बयान अत्यंत भयावह हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार एक पीड़िता ने गवाही में दावा किया कि 13 से 16 वर्ष की आयु के बीच उसका सैकड़ों पुरुषों द्वारा यौन शोषण किया गया सांसद ने कई अन्य गवाहियों का भी उल्लेख किया, जिनमें कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म, हिंसा, धमकियां, ड्रग्स देकर शोषण और नस्लीय अपमान जैसे आरोप शामिल थे। कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवारों को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जाती थीं।
क्या है ग्रूमिंग गैंग?
ब्रिटेन में "ग्रूमिंग गैंग" शब्द उन संगठित समूहों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो बच्चों या किशोरियों का भरोसा जीतकर उनका यौन शोषण करते हैं। कई मामलों में आरोपियों पर उपहार, पैसे, भावनात्मक दबाव, नशे की सामग्री या धमकी का उपयोग कर पीड़ितों को नियंत्रित करने के आरोप लगे हैं। यह शब्द विशेष रूप से उन मामलों के बाद व्यापक रूप से प्रचलित हुआ, जिनकी जांच इंग्लैंड के कई शहरों में हुई थी।
किन शहरों में सामने आए थे मामले?
पिछले दो दशकों में इंग्लैंड के कई शहरों में बड़े पैमाने पर जांच हुई, जिनमें प्रमुख रूप से
- Rotherham
- Rochdale
- Oldham
- Telford
- Oxford
जैसे शहर शामिल रहे हैं। विभिन्न आधिकारिक जांचों और अदालतों में कई आरोपियों को दोषी भी ठहराया जा चुका है।
पाकिस्तानी मूल के आरोपियों पर विवाद
इन मामलों को लेकर सबसे बड़ा विवाद यह रहा है कि कई हाई-प्रोफाइल मामलों में बड़ी संख्या में आरोपी पाकिस्तानी मूल के पाए गए। हालांकि ब्रिटिश पुलिस, सरकार और शोधकर्ताओं ने बार-बार यह भी कहा है कि ऐसे अपराध विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोग भी करते हैं।
वर्षों से आलोचना झेलती रही हैं संस्थाएं
ग्रूमिंग गैंग मामलों में ब्रिटेन की पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक सेवाओं की भूमिका भी लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। कई जांच रिपोर्टों में पाया गया कि कुछ मामलों में पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया या समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से कई पीड़ित और अधिकार समूह वर्षों से व्यापक जवाबदेही और सुधार की मांग करते रहे हैं।
राजनीतिक बहस फिर तेज
रूपर्ट लोव के हालिया भाषण के बाद ब्रिटेन में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। एक पक्ष व्यापक राष्ट्रीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष चेतावनी दे रहा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पूरे समुदायों के प्रति पूर्वाग्रह या सामान्यीकरण से भी बचना चाहिए।