डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर प्रस्तावित हमला फिलहाल टाल दिया है। गल्फ देशों की अपील के बाद फैसला लिया गया। समझौता नहीं हुआ तो बड़े सैन्य हमले की चेतावनी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान पर मंगलवार को प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और UAE समेत कई गल्फ देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ दिन का समय मांगा था।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है और अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना बड़े स्तर के हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी समझौते की सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा।
ट्रम्प बोले- हमला अभी रोका, लेकिन सेना तैयार
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने की तैयारी में था, लेकिन फिलहाल उसे रोक दिया गया है।उन्होंने बताया कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डेनियल केन और सेना को निर्देश दिया गया है कि प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई अभी नहीं की जाएगी।हालांकि ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बातचीत विफल हुई तो अमेरिका किसी भी समय सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा संकट
ईरान तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में करीब 1500 कारोबारी जहाज फंसे बताए जा रहे हैं। इस समुद्री रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। एक्सपर्ट्स ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ने की आशंका जताई है।
ईरान ने होर्मुज पर नया कंट्रोल सिस्टम बनाया
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए नई संस्था “पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी” (PGSA) बनाई है।ईरान का कहना है कि अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को उसकी अनुमति लेनी होगी। बिना परमिट गुजरने को अवैध माना जाएगा।रिपोर्ट्स के अनुसार जहाजों को तय समुद्री कॉरिडोर का पालन करना होगा और कार्गो व क्रू की जानकारी पहले से देनी होगी। ईरान सर्विस फीस भी वसूल सकता है।
ईरान का जवाब- हम तैयार थे
ट्रम्प के बयान के बाद ईरान ने कहा कि उसकी सेना ऐसे जवाबी हमले के लिए तैयार थी, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रम्प पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें विजेता की तरह पेश किया जा रहा है, जबकि हमला टाल दिया गया है।
वैश्विक तेल बाजार पर असर बढ़ा
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से होती है।अगर हालात और बिगड़ते हैं तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।