स्टीफन हॉकिंग की ब्लैक होल सिद्धांत की पुष्टि 50 वर्षों के बाद हुई, जिसमें दो ब्लैक होल के विलय के परिणाम अवलोकित किए गए।
करीब 50 वर्ष पहले प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी और ब्रह्मांड विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल को लेकर एक महत्वपूर्ण भविष्यवाणी की थी। अब वैज्ञानिकों को उसका अब तक का सबसे सटीक प्रेक्षणीय प्रमाण मिला है। पृथ्वी से लगभग 1.3 अरब प्रकाश वर्ष दूर दो ब्लैक होल की टक्कर ने हॉकिंग के सिद्धांत की पुष्टि करने वाले महत्वपूर्ण संकेत प्रदान किए हैं।
जीडब्ल्यू 250114 नाम का यह गुरुत्वाकर्षण तरंग (ग्रैविटेशनल वेव) संकेत 14 जनवरी, 2025 को पृथ्वी तक पहुंचा और अमेरिका के वॉशिंगटन तथा लुइसियाना में स्थित दो लाइगो (LIGO) डिटेक्टरों ने इसे रिकॉर्ड किया। उस समय इटली का विर्गो (Virgo) और जापान का काग्रा (KAGRA) डिटेक्टर बंद था, लेकिन बाद में तीनों वैज्ञानिक सहयोग समूहों के शोधकर्ताओं ने मिलकर रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों का विश्लेषण किया।
दिवंगत खगोलविद के 'ब्लैक होल एरिया लॉ' की हुई पुष्टि
10 सितंबर, 2025 को वैज्ञानिक पत्रिका फिजिकल रिव्यू लेटर्स में प्रकाशित इस अध्ययन में लाइगो, विर्गो और काग्रा के वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से आंकड़ों का विश्लेषण किया। अध्ययन में पाया गया कि दो ब्लैक होल के विलय के बाद बने नए ब्लैक होल का सतही क्षेत्रफल पहले मौजूद दोनों ब्लैक होल के कुल क्षेत्रफल से अधिक था। इसे ही हॉकिंग का ब्लैक होल एरिया लॉ कहा जाता है।टक्कर से पहले दोनों ब्लैक होल का संयुक्त सतही क्षेत्रफल लगभग 2 लाख 40 हजार वर्ग किलोमीटर आंका गया था। विलय के बाद बने नए ब्लैक होल का क्षेत्रफल बढ़कर लगभग 4 लाख वर्ग किलोमीटर हो गया। इस परिणाम ने स्पष्ट कर दिया कि ब्लैक होल के घटना क्षितिज (इवेंट होराइजन) का कुल क्षेत्रफल कम नहीं हो सकता, जैसा कि हॉकिंग ने अपने सिद्धांत में बताया था।
99.999 प्रतिशत भरोसे के साथ सिद्ध हुआ सिद्धांत
हॉकिंग के अनुसार, सामान्य भौतिक प्रक्रियाओं में ब्लैक होल के घटना क्षितिज का क्षेत्रफल कभी कम नहीं होता, भले ही टक्कर के दौरान कुछ ऊर्जा गुरुत्वाकर्षण तरंगों के रूप में अंतरिक्ष में निकल जाए। इस गणना में ब्लैक होल का द्रव्यमान और उसका घूर्णन (स्पिन), दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिक घूर्णन क्षेत्रफल को कम कर सकता है, जबकि अधिक द्रव्यमान इसे बढ़ाता है।जीडब्ल्यू 250114 की घटना में दोनों प्रभाव एक साथ मौजूद थे, लेकिन अंतिम क्षेत्रफल फिर भी पहले से अधिक रहा। वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष को 99.999 प्रतिशत विश्वसनीयता के साथ सही पाया, जो वर्ष 2021 में किए गए पिछले परीक्षण के 95 प्रतिशत भरोसे से कहीं अधिक है।
हॉकिंग अपनी भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं देख पाए
स्टीफन हॉकिंग ने वर्ष 1971 में ब्लैक होल एरिया लॉ का सिद्धांत प्रस्तुत किया था। वर्ष 2018 में 76 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया और वे इस ऐतिहासिक पुष्टि को नहीं देख सके। लाइगो के संस्थापकों में शामिल एक वैज्ञानिक ने कहा कि यदि हॉकिंग आज जीवित होते, तो ब्लैक होल के विलय के बाद क्षेत्रफल बढ़ने की पुष्टि देखकर उन्हें निश्चित रूप से खुशी होती। ब्लैक होल एरिया लॉ के अलावा हॉकिंग का कार्य जैकब बेकेनस्टीन के साथ ब्लैक होल की एंट्रॉपी पर किए गए शोध से भी जुड़ा है, जिसने ब्रह्मांड के मूलभूत नियमों को समझने में नई दिशा प्रदान की।