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भारत और साइप्रस के बीच हुए अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और साइप्रस के बीच हुए अहम समझौतों पर हस्ताक्षर
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नई दिल्ली। भारत और साइप्रस ने सोमवार को दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की उपस्थिति में मनी लॉन्ड्रिंग और पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग से जुड़े दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

राष्ट्रपति यूरोपीय देशों के साथ संबंधों को अधिक मजबूत करने के लिए साइप्रस, बुल्गारिया और चेक गणराज्य की द्विपक्षीय यात्राओं पर हैं। सोमवार को साइप्रस के राष्ट्रपति से आधिकारिक मुलाकात से पूर्व राष्ट्रपति कोविंद का वहां के प्रेसिडेंट पैलेस में आधिकारिक स्वागत किया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के अनुसार दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसका नेतृत्व दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने किया। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनास्तासियादेस ने पारस्परिक हितों से जुड़े कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें आईटी और आईटी सक्षम सेवाओं, पर्यटन, नौवहन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापार सहयोग को बढ़ावा दिया जाना शामिल है।

इसके बाद दोनों देशों के बीच दो प्रमुख मुद्दों पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि वित्तीय खुफिया जानकारी संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर से मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्त पोषण जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद मिलेगी। इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साइप्रस के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में एक जिम्मेदार राष्ट्र के तौर पर साइप्रस की सराहना की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार में भारत के प्रतिनिधित्व व परमाणु आपूर्ति कर्ता समूह में भारत को शामिल किए जाने के साइप्रस के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साइप्रस में प्रतिनिधि सभा के सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि साइप्रस और भारत के बीच संबंध पुराने व गहरे हैं और इसमें दो प्राचीन सभ्यताओं से जुड़े कई पहलू हैं। साइप्रस और भारत के नागरिकों के बीच मजबूत संबंध दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को गति देने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

अपने संबोधन के पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने प्रांगण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और आर्कबिशप मकरियोस की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गांधी और आर्कबिशप किसी देश से जुड़े नहीं हैं बल्कि वे मानवता की विरासत का हिस्सा हैं। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में वह रविवार को साइप्रस पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने वहां रह रहे भारतीय समुदाय को संबोधित किया और कहा कि उन्हें भारत को लेकर भूमिका निभाने को कहा।

Updated : 2018-09-04T01:14:24+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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