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पाक में समर्थन जुटाने के लिए पसीना बहा रही पीटीआई

पाक में समर्थन जुटाने के लिए पसीना बहा रही पीटीआई
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के आम चुनाव में इमरान खान की तहरीक-ए- पाकिसतान (पीटीआई) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत से कुछ दूर है। इसलिए उसे जादुई आंकड़ा (137) तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

खास बात यह है कि इमरान खान पीएमएल-एन और पीपीपी से समर्थन नहीं लेने की बात कह चुके हैं इसलिए उन्हें अब छोटी-छोटी पार्टियों से समर्थन लेकर gh सरकार बनानी पड़ेगी।

पाकिस्तान चुनाव आयोग की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, पीटीआई को कुल 115 सीटें ही मिली हैं। पाकिस्तानी संविधान के मुताबिक, किसी पार्टी को सरकार बनाने के लिए उसके पास कम से कम 137 सीटें होनी चाहिए।

इमरान की पार्टी को बहुमत के लिए 22 सीटें और चाहिए। यह कमी यहीं तक सीमित नहीं है। मुश्किल यह है कि पीटीआई के कुछ नेता एक से अधिक सीटों से चुनाव जीते हैं। इमरान खुद पांच सीटों पर विजयी हुए हैं। उन्हें चार सीटें छोड़नी होगी। इनके अलावा सरवर खान दो सीटों पर विजयी हुए हैं उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इसी तरह परवेज खताक नेशनल और प्रांतीय असेंबली के लिए प्रत्याशी थे। उन्होंने दोनों सीटों पर जीत हासिल की है। वह नेशनल असेंबली की सीट छोड़ सकते हैं। इस तरह पीटीआई के पास कुल 109 सीटें ही बचेंगी और उसे 28 सीटों का जुगाड़ करना पड़ेगा।

उधर, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को 64 और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) को 43 सीटें मिली हैं। दोनों दल मिलकर पीटीआई सरकार को संसद में कड़ी टक्कर देंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीटीआई के नेता मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एूक्यूएम-पी) और कई निर्दलियों के संपर्क में हैं। एमक्यूएम-पी के पास छह सीटें हैं। नेशनल एसेंबली में 13 निर्दलीय चुनकर आए हैं। पीटीआई नेताओं ने सिंध के ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस (जीडीए) से भी समर्थन के लिए संपर्क किया है। जीडीए के पास दो सांसद हैं। हालांकि, अभी तक जीडीए ने समर्थन का संकेत नहीं दिया है।

एक अन्य दल पीएमएल-कायद (पीएमएल-क्यू) के पास भी चार सीटें हैं, लेकिन इसमें भी पंजाब के पूर्व सीएम चौधरी परवेज इलाही दो सीटों से विजयी हुए हैं। यानी अगर इस पार्टी ने इमरान सरकार को समर्थन दिया भी तो सिर्फ तीन सांसदों का ही समर्थन मिलेगा।

इमरान सरकार को बलूचिस्तान आवामी पार्टी (बीएपी) का भी समर्थन मिल सकता है। इस दल के पास चार सीटें हैं, तो जीडीए, एमक्यूम-पी, पीएमएल-क्यू और अवामी मुस्लिम आदि को मिलाकर इमरान को कुल 122 सांसदों का समर्थन हासिल होगा, यानी इसके बावजूद उनके पास बहुमत से 15 संख्या कम होगी। इतने तो निर्दलीय भी जीतकर नहीं आए हैं।

नेशनल एसेंबली में कुछ और छोटी पार्टियां भी जीतकर आई हैं, जो किस तरफ जाएंगी, अभी कोई संकेत नहीं है। बलूचिस्तान नेशनल पार्टी-मेंगल (बीएनपी-एम) के तीन सदस्य हैं। इसके अलावा जम्हूरी वतन पार्टी, अवामी नेशनल पार्टी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसानियत पार्टी की एक-एक सीटें हैं।

यही वजह है कि पीटीआई को समर्थन जुटाने में पसीने छूट रहे हैं। कुछ छोटी पार्टियां जहां समर्थन देंगी, तो कुछ नहीं भी देंगी। इस स्थिति में उन्हें अब भी सेना की मदद की जरूरत पड़ सकती है, ताकि छोटी पार्टियां उसके दबाव में इमरान का साथ दें।

Updated : 2018-07-30T20:21:31+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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