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अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर भारत के समर्थन में खुलकर आया पुराना दोस्त रूस

अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर भारत के समर्थन में खुलकर आया पुराना दोस्त रूस

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के मसले पर जहां एक तरफ पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीयकरण करना चाहता है तो वहीं दूसरी तरफ उसे हर तरफ से निराशा हाथ लगी है। जबकि, भारत के पुराने दोस्त रूस ने कश्मीर मामले पर भारत की बातों का खुलकर समर्थन किया है।

भारत में नियुक्त रूस के राजदूत निकोलाय कुदाशेव ने आर्टिकल अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर बोलते हुए इसे भारत सरकार का संप्रभू फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि यह भारत का एक आंतरिक मामले हैं। निकोलाय ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सभी लंबित मुद्दों का समाधान शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र के अनुसार किया जाना चाहिए।

जबकि, भारत में तैनात रुसी उप-उच्चायुक्त रोमन बाबुश्किन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच रुस तक तक मध्यस्थता की भूमिका नहीं निभा सकता है जब तक कि उसे नहीं कहा जाता। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान रूस ने यह दोहाराया कि कश्मीर भारत का एक आंतरिक मामला है।

कूटनीतिक जानकारों ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की क्लोज डोर बैठक में रूस के मुखर समर्थन ने दोनों देशों का भरोसा बढ़ाया है। इसी समझ को आगे बढ़ाने के लिए पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रूस का दौरा किया और अब विदेश मंत्री जयशंकर रूस के दौरे पर हैं। जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में जब रूस जाएंगे तो परस्पर रिश्तों की नई ऊंचाई दिखेगी।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मॉस्को में मुलाकात को भारत की मिशन कश्मीर कूटनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चार से छह सितंबर के बीच व्लादिवोस्तोक में पूर्वी आर्थिक मंच बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को शामिल होना है। माना जा रहा कि व्यापारिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा के अलावा प्रधानमंत्री इस मौके का इस्तेमाल कश्मीर सहित विभिन्न रणनीतिक मुद्दों पर आपसी भरोसा बढ़ाने के लिए भी करेंगे।

जयशंकर की यात्रा से कुछ दिन पहले सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रूसी समकक्ष निकोलाई पैत्रुशेव के साथ वार्ता की थी, जिसमें दोनों पक्षों ने संप्रभुता,क्षेत्रीय अखंडता और तीसरे पक्षों के गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों के समर्थन को रेखांकित किया। मुलाकात के दौरान भी रूस ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने का समर्थन किया था।

Updated : 28 Aug 2019 7:48 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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