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Mojtaba Khamenei Named Iran’s New Supreme Leader

ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर, मुजतबा खामेनेई बने उत्तराधिकारी

ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है।


ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई बने उत्तराधिकारी

नई दिल्ली। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। ईरानी सरकारी टीवी ने सोमवार तड़के उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब 28 फरवरी को इजराइली हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और युद्ध की स्थिति बनी हुई है।

लंबे समय से उत्तराधिकारी माने जा रहे थे मुजतबा

मुजतबा खामेनेई को लंबे समय से अपने पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था। हालांकि उन्होंने अब तक कोई औपचारिक या निर्वाचित सरकारी पद नहीं संभाला है।विश्लेषकों के अनुसार धार्मिक और राजनीतिक प्रतिष्ठान में उनकी मजबूत पकड़ के कारण उन्हें सुप्रीम लीडर पद का प्रमुख दावेदार माना जाता रहा है।

ट्रम्प और इजराइल के बयान से बढ़ा विवाद

इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बयान दिया था कि ईरान उनके बिना नया सुप्रीम लीडर न चुने। वहीं इजराइल की ओर से भी चेतावनी दी गई थी कि खामेनेई के उत्तराधिकारी को भी निशाना बनाया जा सकता है। इन बयानों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

35 साल तक सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई

अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। वे इस पद पर लगभग 35 वर्षों तक रहे। 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से हटाया गया था। क्रांति के बाद खामेनेई 1981 में ईरान के राष्ट्रपति बने और आठ साल तक इस पद पर रहे। 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्हें सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था।

सुप्रीम लीडर बनने के लिए जरूरी है धार्मिक पदवी

ईरान के इस्लामिक कानून के अनुसार सुप्रीम लीडर बनने के लिए व्यक्ति का अयातुल्ला होना आवश्यक है। यह एक धार्मिक पदवी है और देश की सर्वोच्च राजनीतिक तथा धार्मिक सत्ता इसी पद के पास होती है।