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Iran Warns US, 3500 Soldiers Reach Middle East

मिडिल ईस्ट पहुंचे 3500 अमेरिकी सैनिक, ईरान ने कहा-नरक में स्वागत है, अब ताबूत में वापस जाओगे

ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को कड़ी चेतावनी दी। मिडिल ईस्ट में 3500 सैनिकों की तैनाती के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों से तनाव और बढ़ा।


मिडिल ईस्ट पहुंचे 3500 अमेरिकी सैनिक ईरान ने कहा-नरक में स्वागत है अब ताबूत में वापस जाओगे

मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM) के मुताबिक, करीब 3,500 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात किए गए हैं. ये सैनिक USS Tripoli जहाज के जरिए पहुंचे हैं और 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। इनके साथ लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और सैन्य उपकरण भी भेजे गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत कर रहा है। इसके अलावा 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों की संभावित तैनाती की भी चर्चा है, जो हालात को और गंभीर बना सकती है।

ईरान ने दी चेतावनी

मिडिल ईस्ट में तेजी से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। ईरान के अंग्रेजी अखबार Tehran Times ने अपने फ्रंट पेज पर “Welcome to Hell” हेडलाइन प्रकाशित करते हुए साफ कहा. कि यदि अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर कदम रखते हैं, तो वे “ताबूत में वापस लौटेंगे”। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं और दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी भी लगातार तीखी होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की भाषा से तनाव और बढ़ सकता है।

ईरान का दावा- ड्रोन और F-16  गिराया

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए इजराइल और उससे जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के अनुसार, उसने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-16 लड़ाकू विमान को भी निशाना बनाया है। इसके अलावा हाइफा स्थित रक्षा तकनीक केंद्र और डेविड बेन गुरियन एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज पर हमले की बात भी कही गई है। हालांकि इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, जिससे स्थिति और जटिल बनी हुई है।

इजराइल का जवाब- मिसाइल को हवा में ही किया नष्ट

इजराइल ने ईरान के हमलों का जवाब देते हुए दावा किया है कि उसने एक मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट कर दिया। इजराइली सेना के अनुसार, जैसे ही मिसाइल दागी गई, सुरक्षा सिस्टम सक्रिय हो गया और उसे बीच रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। इस दौरान दक्षिणी इजराइल के नेगेव और डेड सी क्षेत्र में सायरन बजाए गए, जिससे लोगों को सतर्क किया गया। फिलहाल किसी तरह के बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है, लेकिन स्थिति को बेहद संवेदनशील बताया जा रहा है।

दुबई और कुवैत में बढ़ी चिंता

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने दुबई में अमेरिकी सेना के दो गुप्त ठिकानों को निशाना बनाया, जहां 500 से अधिक सैनिक मौजूद थे। वहीं कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है, जिसमें एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले भी इसी एयरपोर्ट पर हमले में फ्यूल टैंकों में आग लग चुकी थी। इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है।

लेबनान में हमलो में तीन पत्रकारों की मौत 

लेबनान में इजराइली हवाई हमले के दौरान तीन पत्रकारों की मौत हो गई, जो जमीनी स्थिति की रिपोर्टिंग कर रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के समय एक पत्रकार लाइव कवरेज कर रही थीं। इस घटना ने युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे मीडिया कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस पर चिंता जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

खाड़ी देशों को ईरान की चेतावनी, समर्थन न देने की अपील

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान ने खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अमेरिका और इजराइल का साथ न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया गया, तो उसे भी जवाब का सामना करना पड़ेगा। ईरान ने यह भी कहा कि वह पहले हमला नहीं करता, लेकिन अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक ठिकानों पर हमले होने पर कड़ी प्रतिक्रिया देगा।

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