अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर हादसे के बाद ईरान पर बमबारी की गई। प्रतिक्रिया में ईरान ने बहरीन में अमेरिकी बेस पर ड्रोन हमले का दावा किया।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर हादसे के बाद ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने और फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है। हालांकि अमेरिका ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अपाचे हेलिकॉप्टर घटना बनी हमले की वजह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हालिया सैन्य कार्रवाई अमेरिकी बलों और क्षेत्र में मौजूद व्यावसायिक जहाजों पर बढ़ते खतरों के जवाब में की गई। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया।हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का एक दूसरा दावा यह भी है कि हेलिकॉप्टर संभवतः एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ। घटना की जांच जारी है।
ईरान का पलटवार, बहरीन में हमले का दावा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के मुताबिक यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि देश अपनी संप्रभुता पर किसी भी हमले का जवाब देगा। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी।
बहरीन में अलर्ट, एयर रेड सायरन बजे
तनाव बढ़ने के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए। गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने की सलाह दी। यह अलर्ट ऐसे समय जारी हुआ जब ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले का दावा किया।
अमेरिकी कार्रवाई पूरी होने का दावा
CENTCOM ने कहा है कि जवाबी सैन्य अभियान पूरा हो चुका है। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार नेटवर्क और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
इजराइल ने भी दी नई चेतावनी
इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने कहा कि हालिया ऑपरेशन केवल शुरुआत थी। उन्होंने संकेत दिए कि आवश्यकता पड़ने पर ईरान के खिलाफ और बड़े सैन्य अभियान चलाए जा सकते हैं।इजराइल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी रणनीतिक कार्रवाई जारी रखेगा।
तेल बाजार पर दिखा असर
अमेरिका-ईरान तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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तेल बेंचमार्क
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कीमत
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ब्रेंट क्रूड
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92.29 डॉलर प्रति बैरल
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WTI क्रूड
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88.97 डॉलर प्रति बैरल
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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों में और तेजी आ सकती है।